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Chandigarh : हरियाणा को 58 साल बाद मिलेगा राज्य गीत

स्पीकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में गीत काे दिया अंतिम रूप
चंडीगढ़ : (Chandigarh)
हरियाणा राज्य गठन के 58 साल बाद पहली बार प्रदेश वासियों को राज्य गीत मिलने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की अध्यक्षता में विधायक लक्ष्मण यादव के नेतृत्व वाली कमेटी ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जिसे विधानसभा के बजट सत्र के दाैरान सदन में रखा जाएगा।

हरियाणा राज्य गीत चयन समिति की मंगलवार शाम आयोजित 10वीं बैठक में विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण (Assembly Speaker Harvinder Kalyan) भी शामिल हुए। समिति के सभापति लक्ष्मण सिंह यादव, सदस्य गीता भुक्कल, विनोद भ्याणा, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग समेत अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार काे इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कमेटी सदस्यों और अधिकारियों के साथ प्रस्तावित राज्य गीत सुना। स्पीकर ने गीत की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह गीत प्रदेश का समग्र रूप से परिचय करवाएगा। गीत के बोल और संगीत काफी प्रभावी हैं। समिति इस बारे में जल्द अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी तथा आगामी बजट सत्र में राज्य गीत के घोषणा होने की संभावना है।

विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि गीत के भाव और भाषा सौंदर्य काफी अच्छा है। गीत की विषय वस्तु में हरियाणा के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, भौगोलिक संरचना और प्रदेश की विकास यात्रा को चित्रित किया गया है। राज्य गीत में प्रदेश की उत्सवधर्मी संस्कृति और हरियाणा वासियों की सादगी जैसी मूल विशेषताओं को इंगित करने का प्रयास किया है। इसमें प्रदेशवासियों के आपसी भाईचारे, शिक्षा और व्यापार का भी विशेष वर्णन है। गीत में जहां हरियाणवी लोक जीवन को काव्यबद्ध किया गया, वहीं इसमें प्रदेश का गौरव बढ़ाते किसानों, वीर-सैनिकों और खिलाड़ियाें के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।

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