बेगूसराय:(Begusarai) साहित्यकारों के तीर्थ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के पैतृक गांव सिमरिया में आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ ने ना केवल भक्ति की अविरल धारा बहाई। बल्कि, भजन, गजल, संगीत और साहित्य की भी अविरल छाप छोड़ गया।
यज्ञ के समापन पर बीती रात देश के चर्चित गजल गायक कुमार सत्यम ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को सराबोर कर दिया तथा लगातार तालियां बजती रही। इस दौरान सिमरिया गांव और आसपास के लोग ही नहीं, दूरदराज से भी लोग कुमार सत्यम की एक झलक पाने और सुनने के लिए जुटे हुए थे।
सूफी और क्लासिकल संगीत में महारत हासिल कुमार सत्यम ने कार्यक्रम की शुरुआत जय श्री राम के जयकारा से किया तथा ”पत्थर उतर गए पानी में छूकर जिनका नाम, वह हैं पालनहारे राम” गाना पर लोगों को श्रीराम के अद्भुत चरित्र से रूबरू कराया। इसके बाद जब ”मां तू है सुधा रस का प्याला” गाया तो हर कोई अपने मां को याद करने लगे।
उसके बाद कुमार सत्यम ने ”याद याद याद रह जाती है”, ”चिट्ठी आई है”, ”वक्त का ये परिंदा रुका है कहां”, ”छाप तिलक सब छीनी तोसे नैना मिलाइके”, ”तुम्हारी दौलत नई नई है”, ”बहुत प्यार करते हैं” तथा ”बेवफा तेरा मासूम चेहरा” सहित दर्जन भर से अधिक गाना और गजल पर देर रात तक पंडाल में उपस्थित दर्शकों का झूमने पर मजबूर करते रहे।
इससे पहले मंच पर आते ही यज्ञ कमेटी की ओर से अंग वस्त्र एवं दिनकर का प्रतीक चिन्ह देकर कुमार सत्यम को सम्मानित किया। कुमार सत्यम ने भी राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्म भूमि पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थिति को लेकर दिनकर जी को नमन किया। इस अवसर पर यज्ञ के सफल आयोजन में किसी ना किसी रूप में शामिल लोगों को अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया।


