बेगूसराय : अखिल विश्व गायत्री परिवार के सर्वोदय नगर स्थित शक्तिपीठ परिसर में रविवार से मां गायत्री प्राकृतिक चिकित्सा एवं पंचकर्म सहयोग केंद्र की शुरू हो गया। शुभारंभ राज्यसभा सदस्य प्रो. राकेश सिन्हा, उपमेयर अनिता राय, पूर्व विधायक श्रीकृष्ण सिंह एवं गायत्री मंदिर के मुख्य प्रबंधक बृजनंदन राय ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. राकेश सिन्हा ने कहा कि भारत की सभ्यता में प्राकृतिक चिकित्सा सबसे पुरानी और कारगर चिकित्सा पद्धति रही है। गायत्री परिवार द्वारा बेगूसराय में एक ऐसी पुरानी और सशक्त चिकित्सा पद्धति को विकसित किया है। यह बेगूसराय नहीं पूरे बिहार के लिये गौरव साबित होगा। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार की क्रांति सबसे अलग रही है।
इस दौरान सांसद ने व्यक्ति के मन की व्यवस्था और विचार के साथ-साथ व्यक्ति के व्यवहार को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई। बताया कि समाज में दो प्रकार के व्यक्ति रहते हैं, एक ऐसे व्यक्ति जो बिना विचार किए काम करते हैं और दूसरा जो विचार करते हैं पर काम नहीं करते हैं। यह दोनों व्यक्ति ही असफल होते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति विचार कर किसी काम को सफलीभूत करते हैं उनके द्वारा किया गया काम बेहतर और कारगर साबित होता है।
गायत्री परिवार बेगूसराय द्वारा भी प्राकृतिक चिकित्सा पंचकर्म सहयोग केंद्र समाज के लिए एक बेहतर कार्य करने की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा वर्तमान समय में एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो ना सिर्फ पौराणिक और कारगर बल्कि इस समय में लोगों की सर्वाधिक जरूरत की पद्धति भी है। उन्होंने डॉ. शहजाद अली के साथ प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का भ्रमण किया।
इस दौरान केंद्र पर दी जाने वाली सुविधा एनिमा, शिरोधारा, हाथ पैर का ठंडा और गर्म स्नान, भाप स्नान, कोलोन थेरेपी, हाइड्रो थेरेपी, मसाज, मिट्टी पट्टी सहित अन्य चिकित्सा पद्धति के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान केंद्र पर डॉ. शहजाद अली ने राकेश सिन्हा के शरीर का बाह्य परीक्षण भी किया। उन्होंने नारी परीक्षण के द्वारा किए जाने वाले चिकित्सा पद्धति के संबंध में भी बताया।


