
शिमला : (Shimla) पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार (Former Chief Minister and former Union Minister Shanta Kumar) ने लिव-इन रिलेशनशिप की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से इस व्यवस्था पर कानून बनाकर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि आपसी प्रेम संबंध रखने वाले युवक-युवतियों को विवाह करना चाहिए, अन्यथा उन्हें अपने परिवारों के साथ रहना चाहिए।
गुरुवार को जारी एक बयान में शांता कुमार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) के एक हालिया फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायालय ने लिव-इन रिलेशनशिप (live-in relationships) से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने बताया कि एक युवक और युवती ने अदालत से सुरक्षा की मांग की थी, क्योंकि उनके परिवार उन्हें घर वापस आने के लिए दबाव बना रहे थे। अदालत ने सुरक्षा देने से इनकार करते हुए कहा कि दोनों अपने परिवारों के संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित कर रहे हैं तथा उनके इस कदम से परिवारों को सामाजिक बदनामी का सामना करना पड़ रहा है।
शांता कुमार ने कहा कि न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी उल्लेख किया है कि पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव के कारण लिव-इन रिलेशनशिप के मामलों में वृद्धि हो रही है। अदालत ने भारतीय संस्कृति में नैतिक मूल्यों और पारिवारिक व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया है।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और शांति के साथ जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। न्यायालय ने माना है कि बिना विवाह के साथ रहने की स्थिति में संबंधित परिवारों के सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकार पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के कारण लिव-इन रिलेशनशिप के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे संबंधों से जुड़े कुछ गंभीर आपराधिक मामले और हत्याएं भी सामने आई हैं, जिससे समाज में नकारात्मक संदेश जा रहा है। उनके अनुसार, इस प्रवृत्ति से भारतीय सामाजिक और नैतिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
शांता कुमार ने केंद्र सरकार (central government) से आग्रह किया कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में स्पष्ट कानून बनाया जाए तथा इस व्यवस्था पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाए।





