
नई दिल्ली : (New Delhi) महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के कई सांसदों के बागी होने की अटकलों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत (senior party leader and Rajya Sabha MP Sanjay Raut) ने कथित बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को पार्टी छोड़नी है तो पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और उसके बाद ही कोई अन्य राजनीतिक फैसला लेना चाहिए।
दिल्ली में आयोजित पत्रकारवार्ता में संजय राउत ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ सांसदों को दल बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन सांसदों को बाद में चार्टर्ड विमानों (chartered planes) के जरिए अलग-अलग स्थानों से ले जाया गया। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
राउत ने बताया कि पार्टी में उत्पन्न स्थिति को देखते हुए कल होने वाली संसदीय दल की बैठक के लिए व्हिप जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी सांसदों को बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पार्टी के सांसद अरविंद सावंत (MP Arvind Sawant) ने इस पूरे मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) को पत्र लिखा है।
बागी रुख अपनाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि उनके बयानों को पूरी तरह दिखाया जाए और किसी भी टिप्पणी को संदर्भ से काटकर प्रसारित न किया जाए।
इस दौरान सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “हमने संविधान की रक्षा के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। अब तक किसी भी पार्टी नेता ने हमें यह नहीं बताया है कि वह पार्टी छोड़कर जा रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 से 7 सांसदों के बागी होने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हैं। खबरें हैं कि ये सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde) के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग संसदीय समूह को मान्यता दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की भी चर्चा है।
हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है। ऐसे में आने वाले दिनों में शिवसेना (UBT) की राजनीति और महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





