
मृतकों की संख्या बढ़कर हुई छह
मुजफ्फरपुर : (Muzaffarpur) बिहार के मुजफ्फरपुर शहर स्थित प्रसाद अस्पताल (Prasad Hospital in Muzaffarpur, Bihar) में हुए अग्निकांड के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में अस्पताल का मेंटेनेंस हेड, एडमिन अधिकारी और आईसीयू में ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि इनकी लापरवाही के कारण हादसे में कई लोगों की जान गई।
नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) मोहिबुल्लाह अंसारी (Mohibullah Ansari) ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में ब्रह्मपुरा थाना में कांड संख्या 177/26 दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी (Sub-Divisional Fire Officer) के आवेदन पर दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहे हैं।
सिटी एसपी के अनुसार, हादसे में शुक्रवार को एक और व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। पुलिस ने मामले में अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है और उन्हें अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई हो सकती है। इसी आधार पर अस्पताल के मेंटेनेंस विभाग (maintenance department), प्रशासनिक प्रबंधन और आईसीयू संचालन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की गई, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
सिटी एसपी ने बताया कि अस्पताल के निदेशक (डायरेक्टर) की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा भवन का फायर ऑडिट कराया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप थीं या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पूर्व में किए गए फायर ऑडिट और निरीक्षण सही तरीके से हुए थे या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन, भवन स्वामी या अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अस्पताल के मालिक को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि प्रसाद अस्पताल में हुई आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फिलहाल पुलिस, अग्निशमन विभाग (fire department) और अन्य संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच में जुटी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी अन्य प्रकार की लापरवाही जिम्मेदार थी।


