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Mumbai/Pune : चुनाव खर्च का हिसाब नहीं देने पर 40 उम्मीदवार अयोग्य घोषित

Mumbai/Pune: 40 Candidates Disqualified for Failing to Submit Election Expense Accounts

महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने की कार्रवाई
मुंबई/पुणे : (Mumbai/Pune)
महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (Maharashtra State Election Commission) ने चुनाव खर्च का विवरण तय समय सीमा में जमा नहीं करने वाले 40 उम्मीदवारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुणे विभाग की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं (local self-government bodies within the Pune division) के चुनाव में शामिल इन उम्मीदवारों को अगले तीन वर्षों के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

इस संबंध में विभागीय आयुक्त शीतल तेलीउगले (Divisional Commissioner Sheetal Teli-Ugale) ने आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार 26 मई 2026 से अगले तीन वर्षों तक ये उम्मीदवार किसी भी चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे।

पुणे, पंढरपुर और अक्कलकोट के उम्मीदवार शामिल
कार्रवाई की जद में पुणे महानगरपालिका (Pune Municipal Corporation) के 22, पंढरपुर नगर परिषद के 15 और अक्कलकोट नगर परिषद के 3 उम्मीदवार शामिल हैं। अयोग्य घोषित उम्मीदवारों की सूची संबंधित जिलाधिकारी कार्यालयों और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई है।

चुनाव खर्च का हिसाब देना था अनिवार्य
राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) के निर्देशानुसार पुणे विभाग की 60 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए 2 दिसंबर 2025 को तथा 6 महानगरपालिकाओं के लिए 14 जनवरी 2026 को चुनाव हुए थे। कानून के तहत सभी उम्मीदवारों को चुनाव के 30 दिनों के भीतर अपने खर्च का पूरा विवरण जमा करना अनिवार्य था।

संतोषजनक जवाब नहीं दे सके उम्मीदवार
हालांकि संबंधित उम्मीदवार महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम और महाराष्ट्र नगर परिषद अधिनियम के तहत निर्धारित समय में खर्च का ब्यौरा जमा नहीं कर सके। पुणे महानगरपालिका आयुक्त और सोलापुर जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर 5 और 25 मई 2026 को सुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई के दौरान उम्मीदवार संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्रवाई
नगर परिषद प्रशासन की उपआयुक्त प्रतिभा पाटिल (Pratibha Patil) ने कहा कि चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है और चुनाव खर्च का हिसाब समय पर जमा करना सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है।

तीन साल तक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी संबंधित उम्मीदवारों को तीन वर्षों के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस कार्रवाई को स्थानीय निकाय चुनावों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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