
कोलकाता : (Kolkata) तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन (Dr. Shantanu Sen) ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee) को संबोधित अपने इस्तीफे में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और हालिया विवादों का हवाला देते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया। अपने इस्तीफे में डॉ. शांतनु सेन ने लिखा, “भले ही कई मुश्किल मौकों पर मैं उनके विचारों से सहमत नहीं था, फिर भी मैंने मीडिया में कई विवादित मुद्दों पर पार्टी के लिए खुलकर लड़ाई लड़ी है, जिसके लिए आम लोगों ने अक्सर मेरी तारीफ की है।” उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा हालात में पार्टी का बचाव करना अब उनके लिए संभव नहीं रह गया है।
जनता ने पार्टी को नकार दिया: डॉ. शांतनु सेन
अपने पत्र में उन्होंने आरजी कर केस, अभया केस और कैश फॉर जॉब भ्रष्टाचार (R.G. Kar Hospital issue, the Abhaya case, and the ‘Cash-for-Jobs’) जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए लिखा कि इन अनैतिक घटनाओं और भ्रष्टाचार की वजह से बंगाल की जनता ने पार्टी को नकार दिया है। उन्होंने आगे कहा कि जनता के फैसले का सम्मान करते हुए वह तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी से उनके इस्तीफे को स्वीकार करने और उसका सम्मान करने की अपील भी की। शांतनु सेन के इस कदम को TMC के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के पक्ष में मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से अपनी बात रखी थी।


