
मुंबई : (Mumbai) पाखंडी बाबा अशोक खरात (‘Baba’ (spiritual guru) Ashok Kharat) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज किए गए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) (Prevention of Money Laundering Act) के तहत एक मामले में अशोक खरात को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने मंगलवार को यह आदेश दिया। दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे अशोक खरात को पिछले सप्ताह ईडी ने गिरफ्तार किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी (central investigative agency) ने अदालत को बताया कि फिलहाल अशोक खरात की और हिरासत की जरूरत नहीं है। हालांकि, भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उनकी हिरासत की मांग कर सकते हैं। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि खरात लगभग 47 करोड़ रुपये से अधिक के धन शोधन मामले में मुख्य सूत्रधार और प्राथमिक लाभार्थी थे।
ईडी ने दर्ज किया था धन शोधन का मामला
ईडी ने अशोक खरात के खिलाफ पीएमएलए के तहत छह अप्रैल को मामला दर्ज किया था। यह मामला नासिक पुलिस (Nashik Police) द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई एक प्राथमिकी का संज्ञान लेकर दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर जबरन वसूली, धार्मिक हेरफेर और नशीली दवाओं के माध्यम से कई महिला पीड़ितों पर हमला करने जैसे आरोप शामिल थे। वित्तीय अपराध जांच एजेंसी ने खरात पर एक बड़े जबरन वसूली रैकेट को चलाने और बेनामी बैंक खातों (benami (proxy) bank accounts) के जरिए धन शोधन करने का आरोप लगाया है।


