spot_img

New Delhi : ईडी ने 32.67 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉयल एस्टेट ग्रुप पर की छापेमारी

New Delhi: ED Raids Royal Estate Group in Alleged ₹32.67 Crore Fraud and Money Laundering Case

नई दिल्ली : (New Delhi) प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) ने 32.67 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी, चेक बाउंस और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब और चंडीगढ़ में रॉयल एस्टेट ग्रुप तथा उससे जुड़ी कंपनियों और व्यक्तियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। कार्रवाई चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (Chandigarh Royal City Promoters Private Limited) (CRCPL) और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ की गई।

ईडी के अनुसार, मामला पंजाब पुलिस द्वारा एसएएस नगर में 19 जुलाई 2025 को दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। तलाशी अभियान जिरकपुर स्थित रॉयल एस्टेट ग्रुप के मुख्य कार्यालय सहित पंजाब और चंडीगढ़ के कई परिसरों में चलाया गया।

प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) (IPC) की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत दर्ज की गई थी। इसमें सीआरसीपीएल के निदेशकों और संबंधित व्यक्तियों पर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (Greater Mohali Area Development Authority) (GMADA) को देय वैधानिक भुगतान में कथित चूक करने और लगभग 32.67 करोड़ रुपये के बाउंस चेक जारी करने का आरोप है। मामला एसएएस नगर के कराला गांव स्थित आवासीय कॉलोनी परियोजना से जुड़ा है।

ईडी के मुताबिक जांच में सामने आया कि कंपनी पर जीएमएडीए की बड़ी देनदारियां लंबित थीं, जबकि परियोजना से जुड़े धन को कथित तौर पर संबंधित कंपनियों और पक्षों के माध्यम से दूसरी जगह भेजा गया। जांच एजेंसी को रॉयल एस्टेट ग्रुप (Royal Estate Group) से जुड़ी कंपनियों के बीच संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और धन के लेयरिंग के संकेत भी मिले हैं।

तलाशी अभियान के दौरान प्रवीण कंसल उर्फ रॉकी, नीरज कंसल, दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली, सुमित बंसल और अन्य संबंधित व्यक्तियों तथा संस्थाओं से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए हैं। ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

Explore our articles