
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने आम आदमी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में गए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Rajya Sabha MP Raghav Chadha) के व्यक्तित्व के अधिकारों के संरक्षण की मांग पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद (Justice Subramonium Prasad) ने राघव चड्ढा से कहा कि आपके राजनीतिक फैसले की आलोचना करना आपके व्यक्तित्व के अधिकारों का उल्लंघन नहीं हो सकता। आप इसके लिए मानहानि याचिका दायर कर सकते हैं।
राघव चड्ढा ने अपने व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। राघव चड्ढा ने अपनी याचिका में कहा है कि एआई और डीपफेक तकनीक का उपयोग कर उनकी तस्वीरों और वीडियो अनधिकृत रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उनके मॉर्फ किए हुए चेहरे का इस्तेमाल उनके कथित भाषणों के लिए किया जा रहा है।
इसके पहले उच्च न्यायालय कई नामचीन हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता शशि थरूर (Congress leader Shashi Tharoor), अभिनेता अर्जुन कपूर, तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, मलयालम फिल्म अभिनेता मोहनलाल, भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर, पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण, फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्रप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर (producer Karan Johar) के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।


