
तेहरान : (Tehran) ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को नियंत्रित करने की योजना का जल्द खुलासा करेगा। जिसमें इन जहाजों से टोल वसूलने का प्रस्ताव भी शामिल है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने (U.S. President Donald Trump) चेतावनी दी है कि ईरान को बुरे दौर का सामना करना पड़ेगा। जिसपर पलटवार करते हुए ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ (Mohammad Baqer Ghalibaf) ने कहा है कि दुनिया नई व्यवस्था की दहलीज पर खड़ी है।
अल जजीरा और तस्नीम न्यूज एजेंसी (Reports by Al Jazeera and the Tasnim News Agency) की रिपोर्ट में ईरान ने ताजा मंसूबों का खुलासा किया गया है। ईरान ने कहा है कि अब अमेरिकी हथियारों की खेप को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ़ (Iranian Vice President Mohammad Reza Aref) ने कहा है कि तेहरान होर्मुज पर अपने संप्रभुता के अधिकार को छोड़ कर पहले ऐसी गलती कर चुका है, अब दोबारा ऐसा नहीं होगा।
ईरान ने देश की जनता को युद्ध और आर्थिक नुकसान के लिए तैयार रहने के लिए आगाह किया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Foreign Minister Abbas Araqchi) ने कहा है कि बातचीत पटरी से उतर चुकी है। ईरान अब अमेरिका के साथ सीधे सैन्य संघर्ष के लिए तैयार है। अराघची ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान पर थोपे गए युद्ध का असर अमेरिकी परिवारों पर भी पड़ रहा है।
कजाकिस्तान ने मावनीय मदद भेजी
कजाकिस्तान (Kazakhstan) ने ईरान को मानवीय मदद भेजी है। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति के आदेश पर भेजी गई इस खेप में डिब्बाबंद मांस, चीनी, आटा, मेडिकल उपकरण और दवाएं शामिल है। यह मदद सरख्स रेलवे स्टेशन पर ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपी गई। ईरान में कजाकिस्तान के राजदूत ओंटालप ओनालबायेव ने कहा कि ईरान कजाकिस्तान का महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय साझेदार है। यह मदद ऐसे समय में भेजी गई है जब ईरान गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। ईरान के आधिकारिक सांख्यिकी केंद्र के अनुसार, युद्ध से जुड़ी बाधाओं के कारण सालाना महंगाई बढ़कर लगभग 53.7 प्रतिशत हो गई है। पिछले साल की तुलना में खाने-पीने की चीजों की कीमतें 115 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ गई हैं।
कतर और सऊदी चिंतित
कतर और सऊदी के विदेश मंत्रियों ने फोन पर अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम पर चर्चा की है। दोहा से जारी बयान के अनुसार, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी (Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani) ने सऊदी के विदेशमंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ फोन पर बातचीत की। बयान में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम और तनाव कम करने के प्रयास शामिल हैं। शेख मोहम्मद ने सभी पक्षों से अपील की कि वे बातचीत के जरिए संकट को सुलझाने के लिए चल रहे मध्यस्थता प्रयासों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दें।


