
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) (Central Bureau of Investigation) ने त्रिपुरा के बहुचर्चित चिटफंड घोटाले में वांछित आरोपित संजीत चक्रवर्ती (Sanjit Chakraborty) को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित पर लगभग 7.75 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
सीबीआई ने बताया कि संजीत चक्रवर्ती कोलकाता स्थित कॉस्मिक नेगोशिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड का चेयरमैन‑कम‑मैनेजिंग डायरेक्टर (Chairman-cum-Managing Director of Cosmic Negotiators Private Limited) था। वर्ष 2013 में त्रिपुरा पुलिस द्वारा (Tripura State Government) दर्ज एफआईआर के बाद से फरार था। त्रिपुरा सरकार और केंद्र सरकार की अधिसूचनाओं के बाद सीबीआई ने इन मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी।
जांच के बाद वर्ष 2015 में पहले मामले में संजीत चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। इसमें लगभग 7.48 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। दूसरे मामले में वर्ष 2024 में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसमें लगभग 27.13 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। दोनों मामलों में संजीत चक्रवर्ती को आरोपपत्र में फरार आरोपी के रूप में दर्शाया गया था।
सीबीआई के अनुसार आरोपी 2013 से लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा। एजेंसी ने फील्ड वेरिफिकेशन, तकनीकी और निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड विश्लेषण और ओएसआईएनटी (Call Detail Records (CDRs), and Open-Source Intelligence) के आधार पर जानकारी जुटाई। इसके बाद उसे कोलकाता में चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपित को कोलकाता की अदालत (Kolkata court) से ट्रांजिट वारंट हासिल करने के बाद त्रिपुरा लाया जाएगा और सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।


