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New Delhi : एफआईएच नेशंस कप की तैयारी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी भारतीय महिला हॉकी टीम

New Delhi: Indian Women's Hockey Team to Tour Australia in Preparation for FIH Nations Cup

नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian Women’s Hockey Team) आगामी एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप न्यूजीलैंड 2025-26 की तैयारियों के तहत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी। हॉकी इंडिया ने बुधवार को उक्त घोषणा की। यह दौरा 21 मई से 3 जून 2026 तक आयोजित होगा, जबकि नेशंस कप का आयोजन 15 से 21 जून तक ऑकलैंड में होना है।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय टीम पर्थ हॉकी स्टेडियम (Perth Hockey Stadium) में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मुकाबले खेलेगी। ये मैच 26, 27, 29 और 30 मई को खेले जाएंगे। पहले दो मुकाबले भारतीय समयानुसार शाम 5 बजे शुरू होंगे, जबकि आखिरी दो मैच सुबह 11 बजे खेले जाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड रवाना होगी, जहां नेशंस कप से पहले अभ्यास मुकाबलों के जरिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देगी। भारतीय महिला हॉकी टीम इससे पहले इस साल अर्जेंटीना दौरे पर शानदार प्रदर्शन कर चुकी है। टीम ने चार मैचों की सीरीज में दो जीत दर्ज कर मजबूत खेल का प्रदर्शन किया था। दौरे से लौटने के बाद से खिलाड़ी साई बेंगलुरु में राष्ट्रीय शिविर में लगातार अभ्यास कर रही हैं और अंतरराष्ट्रीय सीजन (international season) को ध्यान में रखते हुए अपनी कमजोरियों पर काम कर रही हैं।

इस दौरे के दौरान टीम की ड्रैग-फ्लिकर खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन (Coca-Cola India Foundation) ‘आनंदना’ के सहयोग से नीदरलैंड के दिग्गज ताएके ताएकेमा 26 मई से 21 जून तक पर्थ और ऑकलैंड में खिलाड़ियों को विशेष ड्रैग-फ्लिक प्रशिक्षण देंगे।

भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian Women’s Hockey Team) के मुख्य कोच सजोर्ड मारिजने ने इस दौरे को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा, “हॉकी इंडिया का धन्यवाद, जिसकी वजह से यह दौरा संभव हो पाया। इन मुकाबलों से हमें अपने खेल की कमियों और सुधार दोनों को समझने का मौका मिलेगा। अर्जेंटीना दौरे में हमने देखा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का मानक क्या है। अब हम यह परख पाएंगे कि हम उस स्तर के कितने करीब पहुंचे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “न्यूजीलैंड पहुंचने से पहले यह दौरा खिलाड़ियों को वहां की परिस्थितियों के अनुसार ढलने में मदद करेगा। लंबी यात्रा को हिस्सों में बांटने से खिलाड़ियों को जल्दी अनुकूल माहौल मिलेगा। न्यूजीलैंड का मौसम ठंडा रहता है और पर्थ की परिस्थितियां उससे काफी मिलती-जुलती हैं।”

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