
नई दिल्ली : (New Delhi) देश के दिग्गज कारोबारी एवं अडाणी समूह के चेयमैन गौतम अडानी (business tycoon and Chairman of the Adani Group) ने सोमवार को कहा कि आने वाले दशकों में ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ही भू-राजनीतिक शक्ति को परिभाषित करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने भारत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) (AI) वैल्यू चेन में अपनी संप्रभु क्षमताएं विकसित करने का आह्वान किया।
अडाणी ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry) (CII) वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन-2026 में कहा कि एक दशक पहले कुछ ही लोगों ने भारत में मोबाइल डेटा के विस्फोट के पैमाने की कल्पना की थी, लेकिन जैसे ही स्मार्टफोन किफायती हुए, नेटवर्क का विस्तार हुआ, डेटा की कीमतें गिरीं और खपत में जबरदस्त उछाल आया। उन्होंने कहा कि एआई मोबाइल डेटा विस्फोट जैसी क्रांति लाएगा और इससे ऊर्जा की खपत में तेज वृद्धि होगी।
अडाणी ने कहा, “एआई भी इसी तरह की वृद्धि लाएगा, लेकिन यह वृद्धि कहीं अधिक ऊर्जा खपत करने वाली होगी। डेटा सेंटर की क्षमता, जिसके 2030 तक 5 गीगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है, 2047 तक लगभग 75 गीगावाट तक बढ़ सकती है, इसीलिए भारत को अभी से तैयारी करनी होगी।”
उन्होंने कहा कि भारत आम परिवारों, फैलते शहरों, सक्रिय कारखानों, इलेक्ट्रिक वाहनों और विस्तार की प्रतीक्षा कर रहे लाखों छोटे व्यवसायों के लिए विकास कर रहा है। देश में एक बड़ा फायदा यह है कि हम जो कुछ भी बनाएंगे, उसकी मांग पहले से ही मौजूद होगी। हमारे सामने चुनौती है ऐसी क्षमता का निर्माण करना जो मांग के साथ तालमेल बिठा सके।
उन्होंने कहा कि भारत ने एनर्जी सेक्टर में असाधारण प्रगति की है और मार्च 2026 में स्थापित ऊर्जा क्षमता 500 गीगावाट से अधिक हो गई है। बीते 10 वर्षों में स्थापित क्षमता में 53 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई है। भारत अपनी इस क्षमता को 4 गुना तक बढ़ाने के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले दो दशक यानी 2047 तक यह 2,000 गीगावाट तक पहुंच जाएगी।
अडाणी ने कहा कि देश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 67 वर्ष का समय लगा, लेकिन अगले दो ट्रिलियन डॉलर अगले 12 वर्षों में ही जोड़े गए। भारत तेजी से विकास कर रहा है। हर सड़क, बंदरगाह, हवाई अड्डा, कारखाना, ऊर्जा संसाधन और डेटा सेंटर विकास के अगले स्तर को बढ़ा रहा है। इस रफ्तार से भारत हर दशक में अपने सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) (GDP) में एक नई यूरोपीय अर्थव्यवस्था के बराबर वृद्धि करेगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य अपने आप नहीं आता। उसे बनाना पड़ता है। अगली आजादी की लड़ाई, हमारे ग्रिड, हमारे डेटा सेंटर, हमारी फ़ैक्टरियों, हमारी क्लासरूम, हमारी लैब्स और हमारे दिमाग़ में लड़ी जाएगी। आज एआई के दौर में आज़ादी का मतलब होगा “खुद को पावर देने, खुद के लिए कंप्यूट करने और खुद के लिए सपने देखने की काबिलियत।


