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Tehran/Washington : ईरान झुकने को तैयार नहीं, अमेरिका हाइपरसोनिक मिसाइल ‘डार्क ईगल’ तैनात करेगा

Tehran/Washington: Iran Refuses to Yield; US to Deploy 'Dark Eagle' Hypersonic Missile

तेहरान/वाशिंगटन : (Tehran/Washington) अमेरिका-इजराइल के साथ लड़ाई में अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Supreme Leader Ali Khamenei) और शीर्ष सैन्य कमांडरों को खो चुका ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के आधिपत्य पर झुकने को तैयार नहीं दिख रहा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने बुधवार को कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि ईरान को हार माननी ही पड़ेगी। ईरान ने ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी कमांडरों का कहना है कि सवाल ही नहीं उठता। ईरान तेल पर टिकी अपनी अर्थव्यवस्था के लड़खड़ाने के बीच अमेरिका से सीधा मुकाबला करने को तैयार है। स्थिति गंभीर होती देख अमेरिका होर्मुज में हाइपरसोनिक मिसाइल ‘डार्क ईगल’ की तैनाती पर विचार कर रहा है। इसकी मारक क्षमता 2700 किलोमीटर से अधिक है।

सीएनएन, सीबीएस न्यूज, मेहर न्यूज एजेंसी, अल जजीरा, ब्लूमबर्ग और गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रजेई ने कहा है कि ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अमेरिका के किसी भी संभावित हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) (IRGC) के पूर्व कमांडर मेजर जनरल रजेई ने बुधवार देर रात एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कोई भी नया हमला विनाशकारी होगा। उन्होंने कहा, “इतिहास यह दर्ज करेगा कि ईरान ने फारसी खाड़ी और ओमान सागर में अमेरिकी महाशक्ति को डुबो दिया।”

इस बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में हाहाकार मचा हुआ है। कच्चे तेल की कीमत आसमान को छू रही है। अमेरिकी नाकाबंदी के बाद ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया है। ईंधन की बढ़ती कीमत से खुद अमेरिका परेशान है। आईआरजीसी की नौसेना कमांडर रियर एडमिरल शहरम ईरानी (IRGC Navy Commander Rear Admiral Shahram Irani) ने कहा कि ईरान कभी हार नहीं मानेगा। ट्रंप की धमकियों की आगे देश नहीं झुकेगा। ईरान जवाबी कार्रवाई के लिए हर मोर्चे पर तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन में हिम्मत है तो होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भेजकर देख ले। ईरानी ने कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी बेअसर है। अनेक जहाज हमारे बंदरगाहों से रवाना हुए और कुछ अपने गंतव्य तक पहुंच गए।

उन्होंने कहा कि दुश्मन को बहुत जल्द ऐसे हथियार का सामना करना पड़ेगा, जिससे वह बहुत डरता है। ईरानी ने कहा कि हमारी नौसेना अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर सात मिसाइलें दाग चुकी है। ऐसा करके अमेरिका को विमानवाहक पोत से विमान उड़ाने या हवाई हमले करने से रोक दिया गया। आईआरजीसी की नौसेना के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख मोहम्मद अकबरजादेह (Mohammad Akbarzadeh) ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के बारे में कोई नई गलतफहमी पाल ली है। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई करता है तो आईआरजीसी की नौसेना उसके विशाल जहाजों को राख कर देगी।

इस तनातनी के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इस आक्रामकता के बावजूद ईरान अभी भी सैन्य क्षमता के मामले में बहुत मजबूत है। माना जा रहा है कि अमेरिका हाइपरसोनिक मिसाइल ‘डार्क ईगल’ (Dark Eagle) की तैनाती पर विचार कर रहा है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास मिसाइल और ड्रोन का इतना जखीरा है कि वे लंबे समय तक संघर्ष जारी रख सकते हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड को इसका अंदाजा है। तभी उसने सेना के लंबे समय से अटके हुए डार्क ईगन सिस्टम को इस क्षेत्र में भेजने का अनुरोध किया है।

इसका मकसद अमेरिकी सेना को ईरान के भीतरी हिस्सों में मौजूद बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों पर हमला करने की क्षमता देना है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो यह पहली बार होगा जब अमेरिका किसी हाइपरसोनिक हथियार सिस्टम को तैनात करेगा। बहरहाल अभी ट्रंप का सैन्य विराम (युद्ध विराम/ सीजफायर जारी है। रिपोर्ट यह भी है कि ईरान ने अपना राष्ट्रीय फारसी खाड़ी दिवस मनाया है। यह दिवस हर साल अप्रैल के आखिर में मनाता है। यह दिवस 1622 में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से पुर्तगाली सेना को खदेड़े जाने के की खुशई में मनाया जाता है। समारोह में मौजूद ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि यह जलमार्ग “महान ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध का प्रतीक” है और इस जल क्षेत्र में किसी भी तरह की असुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका और इजराइल की है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को कहा, “नाकाबंदी शानदार है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था सच में संकट में है। यह मृत अर्थव्यवस्था है।” कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति नाकाबंदी से इतने खुश हैं कि उन्होंने अपने सहयोगियों को इसे और भी लंबे समय तक जारी रखने के लिए तैयार कर दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल का दावा है कि युद्ध की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। दस लाख लोगों का रोजगार छिन गया है। खाने-पीने की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। ईरान के तेलमंत्री मोहसिन पाकनेजाद (Iranian President Pezeshkian) ने बुधवार को जनता को चेतावनी दी कि वे ऊर्जा का इस्तेमाल कम करें। उन्होंने सरकारी दफ्तरों को आदेश दिया गया है कि वे दोपहर एक बजे के बाद बिजली का इस्तेमाल 70 फीसद तक कम कर दें।

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