
दीपक पवार
मुंबई : (Mumbai) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में राज्य को आगे रखने के लिए महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) ने एआई नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत राज्य में तकनीक को बढ़ावा देने और नई संभावनाएं बनाने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि एआई के जरिए विकास को तेज किया जाए और आने वाले समय में इसे रोजगार और उद्योगों से जोड़ा जाए, ताकि राज्य देश में इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति बना सके। इस नीति के तहत सरकार करीब 10,000 करोड़ रुपये (invest approximately ₹10,000 crore) निवेश करने का योजना बना रही है। इसके जरिए 1.5 लाख रोजगार के अवसर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही दो लाख युवाओं को AI तकनीक में ट्रेनिंग देने की भी योजना है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को नई स्किल मिलेगी और उद्योगों को जरूरत के अनुसार तैयार कर्मचारी मिल सकेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
6 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 6 अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। सामाजिक न्याय की दिशा में कदम बढ़ाते हुए लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर स्थायी अध्यासन स्थापित करने, 300 करोड़ वृक्षारोपण की निगरानी के लिए हरित महाराष्ट्र आयोग के गठन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु विश्व बैंक (World Bank) की सहायता से ‘मैजेस्टिक’ योजना (‘Majestic’ scheme) को लागू करने जैसे अहम फैसले लिए गए। इसके अतिरिक्त, दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति में 12 साल बाद वृद्धि, रत्नागिरी में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन का आवंटन और आश्रमशाला कर्मचारियों के लिए सेवांतर्गत प्रगति योजना को मंजूरी देकर सरकार ने तकनीकी नवाचार के साथ-साथ समावेशी विकास और पर्यावरण संतुलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।


