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Mecca : मक्का में हज नियम तोड़ने पर पाकिस्तान के छह नागरिक गिरफ्तार

Mecca: Six Pakistani Citizens Arrested for Violating Hajj Regulations in Mecca

मक्का (सऊदी अरब) : (Mecca) मक्का के प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षा बलों ने छह लोगों को हिरासत में लिया है। यह सभी पाकिस्तान के नागरिक बताए जा रहे हैं। सऊदी अरब के अधिकारियों का कहना है कि इस साल की हज यात्रा से पहले नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में इन सभी की गिरफ्तारी की गई है। मक्का के गृह मंत्रालय ने कहा है कि गिरफ्तार किए गए इन नागरिकों पर बिना परमिट के 20 लोगों को हज कराने के लिए ले जाने का आरोप है।

सऊदी अरब के लोक सुरक्षा महानिदेशालय (General Directorate of Public Security in Saudi Arabia) ने सभी से आग्रह किया है कि वे हज के लिए निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करें। हज यात्रियों की सुरक्षा व देखरेख सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करें। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को दंडित किया जाएगा।

सऊदी गजट अखबार और पाकिस्तान के दुनिया न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से पाकिस्तान के एक नागरिक को बिना वैध हज परमिट के मक्का में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पांच अन्य को बिना उचित अनुमति के हज यात्रियों की मदद करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।

ऐसी घटनाओं के बाद सऊदी अरब और मक्का में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मौजूदा नियमों के तहत मक्का में प्रवेश और रहने की अनुमति केवल उन्हीं लोगों को है जिनके पास हज वीजा है। 18 अप्रैल के बाद पर्यटकों या अन्य अस्थायी वीजाधारकों का प्रवेश नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सऊदी गृह मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि हज परमिट नियमों का उल्लंघन करने पर 20,000 से 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि उमरा वीजा पर आए लोगों को 18 अप्रैल तक देश छोड़ने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है। निर्देश का उल्लंघन करने पर जुर्माना, छह महीने की जेल और देश निकाला जैसी सजा का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को लोक अभियोजन के हवाले कर दिया गया है। निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि वे मक्का, रियाद और मदीना क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूचना देने के लिए 911 पर कॉल करें।

गृह मंत्रालय ने कहा कि आरोपितों की मदद करने वाली हज प्रशासनिक समितियों से संबद्ध लोगों के नाम उजागर किए जाएंगे। इन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। साथ ही 10 वर्ष के लिए देश निकाला भी किया जा सकता है।

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