
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) (FTA) पर हस्ताक्षर करने के बाद देश के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली के भारत मंडपम में निर्यात संवर्धन परिषदों (Export Promotion Councils) (EPCs) और उद्योग जगत के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। बैठक में बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य के संदर्भ में भारत के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने से जुड़ी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में पीयूष गोयल ने कहा कि यह उपलब्धि विकसित भारत की परिकल्पना के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल करने के लिए एक आधार का काम करेगी। उन्होंने निर्यातकों और उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements) (FTAs) का पूरा लाभ उठाकर बाजार पहुंच बढ़ाएं, निर्यात को बढ़ावा दें और रोजगार के अवसरों का सृजन करें। उन्होंने कहा कि इन समझौतों का समय पर उपयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मंत्रालय के मुताबिक भारत मंडपम में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreements) (FTAs) पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान आयोजित इस बैठक में 30 ईपीसी और शीर्ष उद्योग मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ वाणिज्य विभाग और विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade) (DGFT) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। डीजीएफटी ने निर्यात सुधार प्रारूप प्रस्तुत किया। उद्योग ने एमएसएमई की चुनौतियों को स्पष्ट किया। सरकार ने समर्थन और व्यापार सुगमता उपायों का आश्वासन दिया। इसके अलावा निर्यात प्रोत्साहन मिशन की प्रगति की समीक्षा की गई। पीयूष गोयल ने ईपीसी कंपनियों से निर्यातकों का आधार बढ़ाने और नए बाजारों की खोज करने का आग्रह किया।


