
मुंबई : (Mumbai) मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना (Chief Minister’s ‘Ladli Bahan’) में फर्जी तरीके से योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं से सरकार ने 11 करोड़ रुपये की वसूली की है। इसमें सरकारी कर्मी भी शामिल हैं।
यह कार्रवाई योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का पता चलने के बाद की गई है। इसमें आम महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों के अलावा कुछ पुरुषों ने लाभ उठाया। सरकार के एक्शन लेने के बाद गलत तरीके से लाभार्थी बनी कई महिलाओं ने अपनी मर्ज़ी से पैसे वापस कर दिए, जबकि कुछ ने खुद से अपना नाम वापस ले लिया। जिन मामलों में लाभार्थियों ने पहचाने जाने के बावजूद पैसे वापस नहीं किए, उनसे वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। कुछ सरकारी स्टाफ के खिलाफ वेतन, पदोन्नति और अप्रेजल रोकने जैसी कार्रवाई भी शुरू की गई है.
महायुति सरकार (‘Mahayuti’ government) ने साल 2024 की विधानसभा चुनाव से पहले आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं के लिए लाडली बहना योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 1500 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। लेकिन कई अपात्र महिलाओं के अलावा कुछ पुरुषों ने भी फर्जीवाड़ा कर इस योजना का लाभ उठाया। अधिकारियों के अनुसार जिन सरकारी कर्मचारियों ने इसका फायदा उठाया है, उनकी संख्या शुरू में लगाए गए अनुमान से कहीं अधिक है। राज्य सरकार ने इस योजना के अपात्र लाभार्थियों से लगभग 11 करोड़ रूपये की वसूली की है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा उन सरकारी कर्मचारियों से वसूला गया है जिन्होंने अपात्र होने के बावजूद गलत तरीके से योजना का फायदा उठाया था।


