
कानपुर : (Kanpur) रावतपुर थाना क्षेत्र (Rawatpur police station area) में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट और अंगों की खरीद-फरोख्त से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट पुलिस ने सोमवार को ₹25,000 के इनामी आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया, जिसे इस पूरे रैकेट का प्रमुख संचालक (मास्टरमाइंड) माना जा रहा है।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एसएम कासिम आबिदी (Deputy Commissioner of Police (West), S.M. Qasim Abidi) ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को दिल्ली से पकड़कर कानपुर लाया गया है और उससे गहन पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रोहित कोई पंजीकृत डॉक्टर नहीं, बल्कि सिर्फ 12वीं पास है और खुद को डॉक्टर बताकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
30 मार्च को खुलासा, अब तक नौ गिरफ्तार
इस किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट (kidney transplant syndicate) का भंडाफोड़ 30 मार्च 2026 को किया गया था। जांच में पता चला कि कल्याणपुर स्थित अहूजा हॉस्पिटल के जरिए गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर किडनी ली जाती थी और फिर जरूरतमंद अमीर मरीजों को ऊंचे दामों पर ट्रांसप्लांट कराई जाती थी।
इस मामले में अब तक अस्पताल संचालक दंपति डॉ. सुरजीत आहूजा और डॉ. प्रीति आहूजा (Dr. Surjit Ahuja and Dr. Preeti Ahuja) सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
तीन प्रमुख आरोपी, सभी पर इनाम
पुलिस जांच में इस नेटवर्क के तीन प्रमुख कर्ताधर्ता सामने आए थे। इसमें दिल्ली निवासी रोहित (गिरफ्तार हो चुका है), मेरठ निवासी डॉ. अफजल और दिल्ली निवासी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली का नाम शामिल है। पुलिस ने तीनों पर ₹25,000-₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था। अब रोहित की गिरफ्तारी के बाद शेष दो आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद
पुलिस के मुताबिक, रोहित से पूछताछ में सिंडिकेट के संचालन, फर्जी दस्तावेजों और अन्य नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पूरे मामले का विस्तृत खुलासा पुलिस जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से करेगी।
यह मामला सामने आने के बाद प्रदेश में निजी अस्पतालों में हो रहे अवैध अंग प्रत्यारोपण को लेकर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है।


