
बिहार में सरकार गठन पर राजनीतिक हलचल तेज
पटना : (Patna) बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही हैं। सत्ता के समीकरणों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है और शीर्ष नेताओं के बयान सियासी संकेत दे रहे हैं कि नेतृत्व को लेकर अंतिम फैसला जल्द सामने आ सकता है।
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री और जनता दल (United) के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) से उनके आवास पर करीब एक घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक की। इसके बाद वे जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के निवास पहुंचे, जहां पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में सरकार गठन की रणनीति और संभावित मंत्रिमंडल के स्वरूप पर विस्तृत चर्चा हुई।
राजनीतिक गलियारे में अटकलें तेज
इस बीच बिहार सरकार में मंत्री जमा खान (Jama Khan) ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री वही बनेगा, जिसे नीतीश कुमार का आशीर्वाद प्राप्त होगा। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को और तेज कर दिया है।
निशांत कुमार भी महत्वपूर्ण चेहरा
मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। निशांत कुमार (Nishant Kumar) के शामिल होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए जमा खान ने कहा कि वे एक महत्वपूर्ण चेहरा हैं और कई लोग उन्हें सरकार में देखना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नामों पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री ही लेंगे।
लगातार बैठकों का दौर जारी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में हुई बैठकों और लगातार आ रहे बयानों से संकेत मिलता है कि सरकार गठन को लेकर अंदरखाने तेजी से मंथन चल रहा है। आने वाले दिनों में नए मंत्रिमंडल और नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ होने की संभावना है, जिससे राज्य की राजनीति में अगला बड़ा अध्याय शुरू हो सकता है। नीतीश कुमार कैबिनेट की बैठक के बाद 14 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं।


