
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एश्यिा में जारी संकट व अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म होने का असर कच्चे तेल की कीमतों (impact crude oil prices) पर दिखने लगा है। सोमवार को कच्चे तेल का दाम 104 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज तक जहाजों की पहुंच रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब 8 फीसदी की तेजी के साथ 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि यूएस बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (West Texas Intermediate) (WTI) क्रूड में 8.61 फीसदी की तेजी आई है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड का भाव 7.07 डॉलर यानी 7.43 फीसदी की तेजी के साथ 102.3 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड 8.32 डॉलर यानी 8.62 फीसदी की उछाल के साथ 104.2 डॉलर पर पहुंच गया है।
जानकारों का कहना है कि ऑयल मार्केट सीजफायर से पहले वाली स्थिति में पहुंच चुका है। बस इतना अंतर है कि अब अमेरिका, ईरान के तेल एक्सपोर्ट को बंद करने जा रहा है, होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बंद होने के कारण खाड़ी के देश अपना तेल एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहे हैं। इसे दुनिया का सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है। ईरान रोजाना दो मिलियन बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा था। यदि होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद रहता है तो इससे दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई और टाइट हो जाएगी।


