
रायपुर : (Raipur) बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड (Ram Avatar Jaggi murder case) में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी (Chief Minister Ajit Jogi) को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने इसे न्याय की जीत बताते हुए फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 23 वर्षों के बाद परिवार को न्याय मिला है।
उन्होंने कहा कि इन 23 वर्षों में हमें राजनीतिक शक्तियों के साथ मनी पॉवर से भी लड़ना पड़ा। सतीश जग्गी ने मांग की है कि अमित जोगी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए और उनका पासपोर्ट भी जब्त होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा (Chief Justice Ramesh Sinha and Justice Arvind Kumar Verma) की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील (एसीक्यूए No. 66/2026) को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के 2007 के फैसले को पलट दिया। हाईकोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (Criminal Conspiracy) के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।


