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Tehran/Tel Aviv/Washington : होर्मुज विवाद पर भड़का युद्ध: अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, 34 की मौत

Tehran/Tel Aviv/Washington: War Erupts Over Hormuz Dispute: US-Israel Attack on Iran; 34 Dead

तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगटन : (Tehran/Tel Aviv/Washington) अमेरिका-इजराइल का 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू किया गया एकीकृत सैन्य अभियान समूचे पश्चिम एशिया के संकट का कारण बन गया है। तेहरान के वाशिंगटन की होर्मुज (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए मंगलवार तक की दी गई समय सीमा को ठुकराने के बाद अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमला किया है। इस हमले में 34 लोगों की मौत हो गई।

ईरान ने इसके जवाब में इजराइल और उसके खाड़ी अरब पड़ोसियों पर मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) कह चुके हैं कि ईरान ने अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को मंगलवार तक नहीं खोला, तो उसके बिजली संयंत्रों पर जमींदोज कर दिया जाएगा। इस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने कहा कि उसे ट्रंप की धमकी की परवाह नहीं। वह अमेरिका और इजराइल को माकूल जवाब देने के लिए तैयार है।

ईरान में रातभर धमाकों की गूंजः अल जजीरा चैनल की रिपोर्ट के अनुसार तेहरान में रात भर धमाकों की आवाज गूंजती रहीं और राजधानी पर लगातार हमलों के बीच घंटों तक नीचे उड़ते लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही। एक हवाई हमले में शहर के आजादी चौक के पास स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी के परिसर को निशाना बनाया गया।

हाइफा में हमला, दो की मौतः इजराइली अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने हाइफा में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया। इमारत के मलबे से दो लोगों के शव बरामद किए गए। दो अन्य लोगों की तलाश अभी भी जारी है। सोमवार तड़के उत्तरी इजराइल के इस शहर पर ईरान की ओर से एक बार फिर मिसाइलें दागी गईं।

कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में हवाई सुरक्षा तंत्र सक्रियः कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए अपने हवाई सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया है। इस बीच तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाले समुद्री परिवहन पर अपनी पकड़ ढीली करने का कोई संकेत नहीं दिया है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत होने से पहले यह जलमार्ग पूरी तरह से खुला हुआ था।

खाड़ी क्षेत्र में ईरानी हमले जारीः कुवैत में बिजली, पानी को मीठा बनाने वाले और तेल के प्लांट पर हमले हुए हैं। ईरान ने बहरीन में एक तेल सुविधा को निशाना बनाया है। इराक के सुलेमानिया (Sulaymaniyah, Iraq) में भी ड्रोन से हमला किया गया है। उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र में इस इलाके में मौजूद हथियारबंद ईरानी कुर्द विरोधी गुटों से जुड़े ठिकानों पर भी हमले हुए हैं।

बीरशेबा में दागी मिसाइलः ईरान ने आज सुबह दक्षिणी इजराइल के कई शहरों पर मिसाइलें दागी हैं। इस हमले के कारण बीरशेबा में सायरन बज उठे। आज सुबह से इजराइल को निशाना बनाकर किए जा रहे ईरानी हमलों की कड़ी में यह सबसे ताजा हमला है।

यूएई की टेलीकॉम कंपनी डीयू पर हमलाः ईरान ने यूएई की टेलीकॉम कंपनी डीयू पर हमला किया है। अधिकारियों के अनुसार ईरान से छोड़े गए एक ड्रोन ने टेलीकॉम कंपनी की एक इमारत को निशाना बनाया। इस हमले में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।

सऊदी अरब ने दो ड्रोन नष्ट किए, इजराइल ने लेबनान में बम बरसाएः सऊदी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पिछले कुछ घंटों में दो ड्रोनों को नष्ट्र कर दिया है। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कफर रुम्मान शहर (town of Kfar Rumman in southern Lebanon) पर बमबारी की है। बमबारी की जद में आई कार सवार चार लोगों की मौत हो गई।

ईरान में संदिग्ध को फांसी

ईरान में एक सैन्य क्षेत्र में कथित तौर पर घुसने की कोशिश करने वाले संदिग्ध को फांसी पर चढ़ा दिया गया। यह घटना जनवरी में हुई थी। इस घटना से जुड़े दो अन्य लोगों को एक दिन पहले ही फांसी दी गई थी। इस्लामिक स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी ने न्यायपालिका के हवाले से बताया कि अली फहीम (Ali Fahim) को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी ठहराया था। इसके बाद उसे फांसी दी गई। एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत मानवाधिकार संगठनों ने इसे अमानवीय बताया है। जनवरी में शुरू हुआ यह अशांति का दौर आर्थिक मुश्किलों के कारण शुरू हुआ था। धीरे-धीरे यह एक देशव्यापी आंदोलन में बदल गया। ईरान में 1979 की क्रांति के बाद से अब तक की सबसे हिंसक झड़पों में हजारों लोग मारे गए।

ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर मंडरा रहा खतरा

अमेरिका के सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े लहजे में दृढ़ता के साथ कहा है कि ईरान अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से नहीं खोलता है तो मंगलवार को उसके पुलों और बिजली संयंत्रों को हर हाल में निशाना बनाया जाएगा। हालांकि ट्रंप की चेतावनी को ईरान ने खारिज कर दिया है। पेंटागन के अनुसार, ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों के दौरान कुल 365 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।

तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी का बड़ा हिस्सा नष्ट

अमेरिका और इजराइल के हमले में तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (University of Technology in Tehran) का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया है। दोनों ने रात भर बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। इनमें यूनिवर्सिटी, अस्पताल, स्कूल, और साथ ही तेल व स्टील से जुड़े ढांचे शामिल हैं। ईरान के करज, शिराज, इस्फ़हान और बुशेहर आदि शहरों में हमले जारी हैं। इन शहरों को भारी क्षति हुई है। बंदर-ए-लंगेह में छह लोग मारे गए हैं। क़ोम में पांच अन्य लोग मारे गए हैं। राजधानी तेहरान के दक्षिणी बाहरी इलाके में स्थित बहरेस्तान में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है। अमेरिका-इजराइल के हमले में रात से अब तक कुल 34 लोगों की मौत हुई है।

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