
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि देश में बैंक अपने ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी और नियामक ढांचे के तहत काम करते हैं। उन्होंने यह बात प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में कही।
वित्त मंत्री ने बताया कि ‘अपने ग्राहक को जानें’ (Know Your Customer) (KYC) व्यवस्था और भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) (RBI) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत बैंकों के लिए ग्राहकों की जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बैंक केवल आवश्यकता के आधार पर ही ग्राहकों का डेटा एकत्र करते हैं और जरूरत पड़ने पर ही इसे अधिकृत एजेंसियों के साथ साझा किया जाता है।
सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि बैंकिंग क्षेत्र में डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पांच प्रमुख कानून लागू हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम (State Bank of India Act), बैंकिंग कंपनी अधिनियम, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, क्रेडिट सूचना कंपनी अधिनियम और सार्वजनिक वित्तीय संस्थान अधिनियम शामिल हैं, जिनका पालन सभी बैंकों के लिए अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्राहक को धोखाधड़ी या बिना अनुमति के डेटा साझा किए जाने की शिकायत होती है, तो वह भारतीय रिज़र्व बैंक या संबंधित प्राधिकरण (Reserve Bank of India or the relevant authority) के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित संस्थाएं जांच कर आवश्यक कार्रवाई करती हैं।
वित्त मंत्री ने सदन को यह भी आश्वस्त किया कि सरकार बैंकिंग प्रणाली में ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और इस दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


