
शिमला : (Shimla ) हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र (Budget Session of the Himachal Pradesh Legislative Assembly) में गुरुवार को आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा गरमाया, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। प्रश्नकाल के दौरान नियमितीकरण से जुड़े सवाल का स्पष्ट जवाब न मिलने पर विवाद और बढ़ गया।
भाजपा विधायक दीपराम (BJP MLA Deepram) ने सरकार पर जवाब देने में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि एक वर्ष पूर्व पूछे गए प्रश्न का अब तक उत्तर नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से यह बताने की मांग की कि अब तक कितने आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस पर आश्वस्त किया कि संबंधित जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर (Leader of the Opposition Jairam Thakur) ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनावी वादों के विपरीत बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की गई है। उनके अनुसार करीब 15 हजार आउटसोर्स कर्मियों को हटाया गया है।
जयराम ठाकुर ने भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता (transparency of the recruitment process) पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां सत्तारूढ़ दल से जुड़ी हैं और साक्षात्कार से पहले अभ्यर्थियों से धन वसूली की जा रही है।
इन आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि आरोप असत्य पाए जाने पर विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की जा सकती है।


