
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय ने आबकारी घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया (Arvind Kejriwal and Manish Sisodia) समेत 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश में जांच एजेंसी पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) की ओर से दाखिल याचिका पर जवाब देने के लिए समय दे दिया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Justice Swarana Kanta Sharma) की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई दाे अप्रैल को करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान आरोपिताें के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की। तब ईडी की ओर से एएसजी एसवी राजू (ASG SV Raju) ने कहा कि इस मामले में जवाब देने की कोई जरुरत नहीं है। तब कोर्ट ने आरोपितों के वकीलों से पूछा कि हम ये नहीं समझ पा रहे हैं कि आपने जवाब क्यों नहीं दाखिल किया। इस पर कुछ आरोपिताें के वकीलों ने कहा कि उन्हें याचिका की प्रति नहीं मिली है। तब कोर्ट ने कहा कि अभी याचिका की प्रति उपलब्ध करायी जाए।
कोर्ट ने 10 मार्च को ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए केजरीवाल समेत सभी आरोपितों को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि जांच एजेंसी के खिलाफ सामान्य टिप्पणी की गई है। इसके पहले 9 मार्च को कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई पर किए गए प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दिया है। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया है कि वो दिल्ली आबकारी घोटाला मामले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग के मामले की आगे सुनवाई नहीं करें। इस आदेश के बाद ईडी ने भी दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया था।
सुनवाई के दौरान 9 मार्च को सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि ये दिल्ली के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को कानूनों के मुताबिक गलत बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी। राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने 27 फरवरी को सभी आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि हजारों पेजों के चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर, 2024 को तब रिहा हुए जब उच्चतम न्यायालयने सीबीआई के मामले में जमानत दी।
ईडी ने 21 मार्च, 2024 को अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 10 मई, 2024 को उच्चतमन्यायालयने केजरीवाल को एक जून, 2024 तक की अंतरिम जमानत दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून, 2024 को सरेंडर किया था। केजरीवाल को 26 जून, 2024 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने 10 मई, 2024 को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल किया था जिसमें बीआरएस नेता के कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद सिंह को आरोपी बनाया गया है। कोर्ट ने 29 मई को छठे पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था।
उच्चतमन्यायालयने 27 अगस्त को के. कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी। उच्चतमन्यायालयने 13 सितंबर, 2024 को केजरीवाल को सीबीआई के मामले में नियमित जमानत दी थी। उसके पहले उच्चतमन्यायालयने 12 जुलाई, 2024 को ईडी के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।


