
राजदूत ने दिया दोस्ती का वास्ता
नई दिल्ली : (New Delhi) फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा चिंताओं के बीच ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली (Iran’s Ambassador, Mohammad Fathali) ने भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग मिलने का संकेत दिया है। यह जलडमरूमध्य एक अहम वैश्विक शिपिंग मार्ग है। राजदूत ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि भारत के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग तक पहुंच सुनिश्चित करने वाले घटनाक्रम जल्द ही सामने आ सकते हैं। फतहाली ने कहा कि भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग मिलेगा, क्योंकि भारत उनका मित्र है। उन्होंने यह भी कहा कि यह घटनाक्रम दो या तीन घंटे के भीतर देखा जा सकता है। ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों (global markets) से जोड़ने वाले इस संकरे गलियारे से शिपिंग गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
भारत और ईरान के साझा हित
राजदूत ने भारत को ईरान का अहम साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच क्षेत्र में साझा हितों की ओर भी इशारा किया। फतहाली ने कहा कि ईरान और भारत के क्षेत्र में समान हित हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
लंबे समय से चले आ रहे संबंध
राजदूत ने नई दिल्ली और तेहरान (New Delhi and Tehran) के बीच व्यापक संबंधों पर भी बात की। उन्होंने इसे मित्रता और सहयोग पर आधारित संबंध बताया। फतहाली ने कहा कि ईरान और भारत मित्र हैं तथा उनके साझा हित और साझा विश्वास हैं। उन्होंने मुश्किल समय में ईरान के लिए भारत के समर्थन का भी जिक्र किया। राजदूत ने कहा कि भारत सरकार ने युद्ध के बाद की स्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में उनकी मदद की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस परिवहन का का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी व्यवधान का असर ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है। भारत भी इससे प्रभावित होता है, क्योंकि वह अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सरकारें और शिपिंग कंपनियां जलडमरूमध्य के आसपास के घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रही हैं।


