
कोरबा : (Korba) छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गैर-राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (Chhattisgarhiya Kranti Sena) ने गुरुवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दो गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। संगठन ने एसईसीएल के कुसमुंडा क्षेत्र में कथित रूप से बड़े पैमाने पर कोयले की हेराफेरी तथा बलरामपुर जिले में अफीम की अवैध खेती के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
संगठन ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना क्षेत्र (SECL Kusmunda project area) में करीब 70 लाख टन कोयले की हेराफेरी की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संगठन ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) से कराने की मांग की है। ज्ञापन की एक प्रति सीबीआई को भी भेजी गई है ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश आरटीआई प्रमुख जितेंद्र साहू, जिला अध्यक्ष एलएक्स टोप्पो, जिला सचिव विनोद सारथी, जिला सह सचिव बसंत महंत, जिला संगठन मंत्री राजेश साहू, जिला मीडिया प्रभारी कन्हैया सुंदर, भू-स्थापित अशोक पटेल और खड़ प्रभारी गोविंद सारथी सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
खनिज संसाधनों का हो रहा दुरुपयोग
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल (Umagopal, the State Organizing Secretary of the Chhattisgarhiya Kranti Sena) ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए संगठन लगातार आवाज उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के खनिज संसाधनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है और इस तरह की घटनाएं राज्य की आर्थिक संपदा को नुकसान पहुंचा रही हैं। इसके साथ ही बलरामपुर जिले में अफीम की अवैध खेती को भी समाज और युवाओं के लिए गंभीर खतरा बताया गया।
70 लाख टन कोयले की हेराफेरी
जिला संयोजक अतुल दास महंत (District Convener Atul Das Mahant) ने कहा कि यदि 70 लाख टन कोयले की हेराफेरी के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह राज्य की संपत्ति की बड़ी लूट मानी जाएगी। उन्होंने बलरामपुर में कथित अफीम की खेती को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे समाज में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने का खतरा है और आने वाली पीढ़ियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
व्यापक जन आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने राष्ट्रपति से दोनों मामलों की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो संगठन व्यापक जन आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगा।


