
नई दिल्ली : (New Delhi) लोकसभा ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों (दूसरा बैच) को अपनी मंजूरी दे (Lok Sabha has approved the Supplementary Demands for Grants (Second Batch) for the current financial year, 2025-26) दी है। विपक्ष के हंगामे के कारण बार-बार स्थगित होने के बाद लोकसभा ने शुक्रवार को विनियोग विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक का उद्देश्य वित्त वर्ष 2025-26 की सेवाओं के लिए भारत की संचित निधि से कुछ अतिरिक्त राशियों के भुगतान और विनियोग को अधिकृत करना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को सदन से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की दूसरी अनुपूरक मांग के माध्यम से 2.81 लाख करोड़ रुपये के सकल अतिरिक्त व्यय के लिए संसद की मंजूरी मांगी थी, जिसमें 2.01 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध नकद राशि शामिल है। सकल अतिरिक्त व्यय की भरपाई मंत्रालयों एवं विभागों के 80,145.71 करोड़ रुपये बचत या बढ़ी प्राप्तियों व रिकवरी से की जाएगी।
सीतारमण ने लोकसभा में ‘अनुदान की अनुपूरक मांगें 2025-26 के लिए दूसरा बैच’ (‘Second Batch of Supplementary Demands for Grants for 2025-26,’) पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि आर्थिक स्थिरीकरण कोष से भारत को वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए वित्तीय सुदृढ़ता मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस अनुदान की अनुपूरक मांग में 41,430.48 करोड़ रुपये रक्षा सेवाओं के राजस्व के लिए देने का प्रस्ताव है।
लोकसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर हुई चर्चा के जवाब में सीतारमण ने कहा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत का राजकोषीय घाटा संशोधित अनुमानों (आरई) के दायरे में ही रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने अनुदान की अनुपूरक मांगों को दो तक सीमित रखा है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा को बताया कि एमजीएनआरईजीए जब वीबी-जी रैम-जी विधयेक लाया गया था, तब 95,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसे 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुदान की अनुपूरक मांगों के तहत अतिरिक्त 30,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सीतारमण ने चर्चा के दौरान कहा कि मनरेगा-वीबी-जी-राम जी के प्रति हमारी प्रतिबद्धताएं पूरी की जा रही हैं।” वित्त मंत्री ने पीठासीन अध्यक्ष की ओर मुखातिब होकर अनुपूरक मांगों पर जबाब देते हुए कहा कि सर विपक्ष के लोग मुझे सुन नहीं रहे हैं। उन्हें कोई समझ नहीं है। यही लोग फिर खड़े होकर पूछेंगे कि मनरेगा के लिए इस सरकार ने क्या दिया है और कहेंगे कि मनरेगा का फंड कम कर दिया गया है। ऐसे में मुझे समझ नहीं आता कि मैं अपना गुस्सा कैसे नियंत्रित करूं।
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि किसानों के लिए फ़र्टिलाइज़र सब्सिडी की कोई कमी नहीं होगी। इस अनुपूरक मांग में पूरे किसान वर्ग के लिए प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों (दूसरा बैच) पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा, “क्या विपक्ष के सदस्य यह सुझाव दे रहे हैं कि अप्रत्याशित चुनौतियों के समय सरकार को 50,000 करोड़ रुपये का ‘फिस्कल बफर’ या ‘इक्वलाइज़ेशन फंड’ नहीं बनाना चाहिए?…”


