
सऊदी अरब से आई 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चे तेल की खेप
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया (tensions in West Asia) में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर एक बड़ा तेल टैंकर सुरक्षित रूप से मुंबई बंदरगाह (from Saudi Arabia has safely arrived at Mumbai Port) पहुंच गया है। जहाज लगभग 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर (carrying approximately 135,335 metric tons of crude oil) आया है। हालिया क्षेत्रीय संघर्ष के बीच स्ट्रेट आफ होर्मुज से होकर भारत पहुंचने वाले प्रमुख टैंकरों में यह पहला माना जा रहा है।
मुंबई पोर्ट अथारिटी के डिप्टी कंजर्वेटर प्रवीन सिंह (Praveen Singh, Deputy Conservator of the Mumbai Port Authority) के अनुसार लाइबेरिया ध्वज वाला ‘शेनलॉन्ग’ नामक (“Shenlong”) सुएजमैक्स श्रेणी का टैंकर बुधवार दोपहर करीब एक बजे (Mumbai Port) पर पहुंचा। जहाज से कच्चा तेल उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसे पूरा होने में लगभग 36 घंटे लगने का अनुमान है। उतारे जाने के बाद यह कच्चा तेल मुंबई के महुल क्षेत्र स्थित रिफाइनरी को भेजा जाएगा, जहां इसे प्रोसेस कर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
एक मार्च को सऊदी से हुआ था रवाना
भारतीय कप्तान सुक्षांत सिंह संधू (Indian captain Sukhant Singh Sandhu) के नेतृत्व में यह टैंकर 1 मार्च को सऊदी अरब के Ras Tanura Port से कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ था और 8 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर अरब सागर के रास्ते भारत की ओर बढ़ा। जहाज पर कुल 29 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। यह टैंकर शेनलॉन्ग शिपिंग लिमिटेड का है, जबकि इसका संचालन एथेंस स्थित डायनाकॉम टैंकर मैनेजमेंट कंपनी करती है।
समुद्री मार्गों पर निर्भर है भारत की सप्लाई
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर समुद्री मार्गों पर निर्भर है। देश में आयात होने वाले कच्चे तेल और गैस का बड़ा हिस्सा समुद्री रास्ते से ही आता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं और यह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं। ऐसे में भारत के लिए सुरक्षित आपूर्ति बनाए रखना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


