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Mumbai : चंग की थाप और घूमर का जादू

Mumbai: The beats of the Chang and the magic of the Ghoomar festival

धूमधाम से मना नवलगढ़ संघ का होली मिलन
मुंबई : (Mumbai)
मलाड का दुर्गादेवी सराफ हॉल (Durgadevi Saraf Hall in Malad) रविवार को राजस्थानी संस्कृति के रंगों और होली के उत्साह से सराबोर हो उठा। नवलगढ़ नागरिक संघ (Nawalgarh Citizens’ Association) द्वारा आयोजित ‘होली का हुड़दंग’ स्नेह सम्मेलन में शेखावाटी की परंपरा और नारी शक्ति के सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला।

गणेश वंदना से आगाज और गीतों की छटा
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक ढंग से गणेश वंदना के साथ हुई। इसके बाद महेंद्र रुंगटा के संचालन में राजस्थानी लोक संस्कृति के रंग बिखरने शुरू हुए। कलाकार बंटी ठाकुर के बेहतरीन सुरों ने होली के परंपरागत गीतों में ऐसा समां बांधा कि हॉल में मौजूद हर सदस्य झूमने पर मजबूर हो गया।

महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा ने जीता दिल
इस शाम का सबसे बड़ा आकर्षण मेवाड़ के सूर्य महाराणा प्रताप (Maharana Pratap, the sun of Mewar) के जीवन पर आधारित एक लघु नाटिका रही। इसमें राजस्थानी आन-बान-शान के साथ-साथ प्रसिद्ध घूमर नृत्य की भी सुंदर प्रस्तुति दी गई। इस पूरे सांस्कृतिक कार्यक्रम को मनीषा कांबले (Manisha Kamble) ने शानदार ढंग से कोरियोग्राफ किया था।

नारी शक्ति का विशेष सम्मान
चूँकि यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) के करीब था, इसलिए योगाचार्य शारदा बुबना ने नारी शक्ति पर एक प्रेरक काव्य पाठ किया। आशा पोद्दार के साथ मिलकर उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं को पुष्प-गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया, जो समाज में महिलाओं के बढ़ते गौरव का प्रतीक बना।

खुशियों का ‘डबल धमाका’
होली की खुशियों के बीच संस्था के ट्रस्टी विनोद पोद्दार (trustee, Vinod Poddar) की विशेष उपलब्धि का भी जश्न मनाया गया। उन्हें हाल ही में गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब का अध्यक्ष चुना गया है। इस उपलक्ष्य में संस्था के अध्यक्ष रामप्रकाश बुबना (organization’s president, Ramprakash Bubna) ने उन्हें पुष्प-गुच्छ देकर सम्मानित किया और बधाई दी। इस स्नेह सम्मेलन में नवलगढ़ समाज के सदस्यों ने भारी संख्या में भाग लिया। रामप्रकाश बुबना, सुनील जीवराजका, प्रमोद बगड़िया और दीनदयाल मुरारका सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी ने यह साबित किया कि अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना ही समाज की असली ताकत है।

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