
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार (Indian government) ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए कई कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के अनुसार पिछले कुछ दिनों में क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद कई वाणिज्यिक और विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इन उड़ानों के माध्यम से 01 से 07 मार्च के बीच 52,000 से अधिक भारतीय नागरिक खाड़ी (returned safely to India from Gulf countries) देशों से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। इनमें से 32,000 से ज्यादा यात्रियों ने भारतीय एयरलाइनों की उड़ानों का उपयोग किया। आने वाले दिनों में और उड़ानों की योजना बनाई जा रही है।
सरकार ने क्षेत्र में मौजूद भारतीयों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और भारतीय दूतावासों द्वारा जारी सलाह का पालन करने को कहा है। विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिससे जरूरतमंद लोगों को सहायता मिल रही है।
विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने नई दिल्ली में एक विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है, जो प्रभावित लोगों और उनके परिवारों की ओर से आने वाले प्रश्नों और सहायता अनुरोधों की निगरानी कर रहा है।
सरकार ने कहा कि जहां वाणिज्यिक उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं, वहां भारतीय नागरिकों को अपने नजदीकी भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है। भारत सरकार ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर क्षेत्रीय सरकारों के साथ समन्वय कर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


