
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा (Union Health and Family Welfare Minister J.P. Nadda) ने कहा कि आज जन औषधि दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में यह आवश्यक है कि हम प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (Pradhan Mantri Bhartiya Jan Aushadhi Pariyojana) की उस महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानें, जिसके माध्यम से देशभर के लोगों तक सस्ती दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। मोदी सरकार की यह पहल कम कीमत वाली जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता को मजबूत बना रही है।
नड्डा ने शनिवार को एक्स पोस्ट पर कहा कि आज देश के शहरों, कस्बों और गांवों में लगभग 18,000 जन औषधि केंद्र संचालित हो (18,000 Jan Aushadhi Centers) रहे हैं, जो लोगों के घरों के नज़दीक आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध करा रहे हैं। ये केंद्र परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को संभालने में मदद कर रहे हैं और इलाज के आर्थिक बोझ को कम कर रहे हैं।
वर्तमान में 15 लाख से अधिक लोग प्रतिदिन इन केंद्रों से दवाइयां खरीदते हैं, जिससे जन औषधि केंद्र लाखों लोगों के लिए एक विश्वसनीय और किफायती स्वास्थ्य समाधान बन गए हैं।
उल्लेखनीय है कि जन औषधि दिवस (Jan Aushadhi Diwas) भारत के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स द्वारा आयोजित एक वार्षिक जागरूकता अभियान है। हर साल 7 मार्च को मनाए जाने वाले इस दिवस का उद्देश्य लोगों को जेनेरिक दवाओं के बारे में जानकारी देना और उन्हें सस्ती दवाओं के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जैसे स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान, मुफ्त जांच और परामर्श, जन औषधि केंद्रों के बारे में जानकारी- इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बताया जाता है कि वे कम कीमत में भी अच्छी क्वालिटी की दवाएं प्राप्त कर सकते हैं।


