
नई दिल्ली : (New Delhi) राजधानी नई दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी (Kucha Mahajani area of Chandni Chowk in New Delhi) इलाके में सर्राफा कारोबारी के यहां काम करने वाला एक कर्मचारी 54 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell of the Delhi Police Crime Branch) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रूपेश कुमार (24), सचिन उर्फ विकास (24) और पवन कुमार (21) के रूप में हुई है। तीनों सोनिया विहार के रहने वाले हैं।
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम (Aditya Gautam, Deputy Commissioner of Police, Cyber Cell, Crime Branch) ने शनिवार को बताया कि इस संबंध में कोतवाली थाना में 6 फरवरी 2026 को एफआईआर नंबर 96/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह कूचा महाजनी में बुलियन ट्रेडर के तौर पर काम करता है और रूपेश नाम का युवक उसके यहां कर्मचारी था। उसका काम बाजार में भुगतान पहुंचाने और रकम लाने का था। पांच फरवरी की शाम करीब 6:45 बजे व्यापारी ने रूपेश को 54 लाख रुपये देकर बाजार में भुगतान करने के लिए भेजा था, लेकिन वह रकम लेकर फरार हो गया। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार, 5 मार्च को पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) प्रवेश राठी (Deputy Commissioner of Police, on March 5th, Sub-Inspector (SI) Pravesh Rathi) को सूचना मिली कि चोरी की रकम बांटने के लिए कुछ बदमाश दिल्ली-एनसीआर में इकट्ठा होने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। बाद में सूचना मिली कि आरोपित रात करीब साढ़े नौ बजे खजूरी खास फ्लाईओवर के नीचे पहुंचेंगे। पुलिस टीम ने वहां जाल बिछाया और मौके पर पहुंचे दो आरोपित रूपेश और सचिन उर्फ विकास को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपित पवन कुमार को सोनिया विहार से पकड़ा गया।
पूछताछ में रूपेश ने बताया कि उसने सोनिया विहार में दसवीं तक पढ़ाई की है। आर्थिक तंगी के कारण वह पहले कश्मीरी गेट में मोटर पार्ट्स की दुकान पर काम करता था। बाद में वह कूचा महाजनी स्थित व्यापारी हरिओम खंडेलवाल की दुकान पर काम करने लगा, जहां वह अक्सर माल और पैसे लेने-देने का काम करता था।
इसी दौरान उसने अपने दोस्तों विकास और पवन को बताया कि उसका मालिक उस पर बहुत भरोसा करता है और उसे अक्सर बड़ी रकम लेकर बाजार भेजता है। इसके बाद तीनों ने मिलकर योजना बनाई कि जब भी बड़ी रकम मिलेगी, वह पैसे लेकर फरार हो जाएगा और कुछ समय के लिए दिल्ली छोड़ देंगे। 5 फरवरी को जब मालिक ने उसे 54 लाख रुपये देकर चांदी खरीदने के लिए भेजा, तो उसने योजना के मुताबिक पैसे लेकर फरार हो गया। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ दिल्ली से बाहर चला गया और कुछ रकम आपस में बांट ली।
पुलिस ने आरोपित रूपेश के पास से 27 लाख रुपये, सचिन उर्फ विकास से 2.5 लाख रुपये और पवन कुमार से 2 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा 8 लाख रुपये की जमा रसीदें और एक वैगन-आर कार भी बरामद की गई है।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और बाकी रकम व अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।


