
मुंबई : (Mumbai) रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुंबई के जेजे अस्पताल (JJ Hospital in Mumbai) में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, उनकी बूख हड़ताल जारी रहेगी। इधर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मुंबई का ऐतिहासिक व नामचीन माने जाने वाले जेजे हॉस्पिटल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बताया कि बार-बार फॉलो-अप करने के बाद भी प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल रहा है। आज से करीब 200 रेजिडेंट डॉक्टरों ने मिलकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया है। हम मरीजों को परेशानी नहीं देना चाहते, लेकिन अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हमें यह कदम उठाना पड़ा है। मार्ड के जनरल सेक्रेटरी ऋषिकेश शिंदे (Rishikesh Shinde, General Secretary of MARD) ने कहा कि जब तक अस्पताल प्रबंधन लिखित भरोसा और ठोस कार्यवाही नहीं करता, हमारी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
रेजिडेंट डॉक्टर किसी भी सरकारी हॉस्पिटल की रीढ़ (backbone of any government hospital) होते हैं। ओपीडी, वार्ड सुपरविजन और इमरजेंसी सर्जरी में उनकी भूमिका अहम होती है। जेजे अस्पताल में रेजिडेंट ड़ॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीज़ों की कतार लग गई। कई तय सर्जरी टालनी पड़ी हैं। इधर अस्पताल प्रंबंधन की ओर से कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है। इस बीच मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसलिए वरिष्ठ डॉक्टरों को ड्यूटी पर रहने का आदेश दिया गया है।
रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि हॉस्पिटल प्रबंधन जिमखाना के रोजाना के कामों में लगातार दखल दे रहा है। यूनियन के अधिकारों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। हॉस्टल की हालत खराब है। डॉक्टर साफ पेयजल और सफ़ाई जैसी बेसिक ज़रूरतों के लिए भी जूझ रहे हैं। अस्पतालों में सुरक्षा सिस्टम का ठीक न होना हमेशा से विवाद का विषय रहा है। रेजिडेंट डॉक्टरों पर हमले रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। सैलरी और स्टाइपेंड का बकाया समय पर दिया जाए, जो अभी भी बकाया है।


