
जयश्री सोनकांबले महापौर, एडवोकेट स्नेहल उटगे उपमहापौर निर्विरोध निर्वाचित
लातूर : (Latur) लातूर शहर महानगरपालिका चुनाव 2026 (Latur Municipal Corporation elections of 2026) के बाद 9 फरवरी को आयोजित विशेष सभा में कांग्रेस ने एक बार फिर अपना राजनीतिक दबदबा साबित किया है। कांग्रेस की जयश्री सोनकांबळे (Congress’s Jayashree Sonkamble) को महापौर और एडवोकेट स्नेहल उटगे (Advocate Snehal Utg) को उपमहापौर पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। लातूर की जिलाधिकारी ने पीठासीन अधिकारी के रूप में इस चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराया, जिससे नगर निगम में कांग्रेस के नए युग की शुरुआत हुई है।
राजनीतिक समझौते ने आसान की राह
चुनाव के दौरान कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी (Congress and the Vanchit Bahujan Aghadi) के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना थी। हालांकि, मतदान से ठीक पहले दोनों दलों के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक समझौता हुआ। इस समझौते के तहत वंचित बहुजन आघाड़ी को आगामी ढाई वर्षों में उपमहापौर पद और स्थायी समिति सहित अन्य महत्वपूर्ण समितियों में प्रतिनिधित्व देने पर सहमति बनी। इस रणनीतिक तालमेल के बाद वंचित बहुजन आघाड़ी ने अपने उम्मीदवार वापस ले लिए, जिससे कांग्रेस की राह निष्कंटक हो गई।
जयश्री सोनकांबळे: सामान्य पृष्ठभूमि से शिखर तक
महापौर पद की जिम्मेदारी संभालने वाली जयश्री सोनकांबळे एक सामान्य परिवार से आती हैं, जो कांग्रेस का एक बड़ा सामाजिक संदेश माना जा रहा है। उन्होंने भाजपा की प्रियंका गायकवाड़ को 153 मतों से हराकर जीत दर्ज की। 12वीं तक शिक्षित 46 वर्षीय जयश्री पिछले 15 वर्षों से कांग्रेस में सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं। प्रभाग क्रमांक 12 (SC महिला आरक्षित) से पहली बार चुनाव जीतकर सीधे महापौर बनना उनके राजनीतिक करियर की एक असाधारण उपलब्धि है।
एडवोकेट स्नेहल उटगे: वकालत से उपमहापौर तक
उपमहापौर पद के लिए चुनी गई एडवोकेट स्नेहल उटगे पिछले 18 वर्षों से वकालत के पेशे में सक्रिय हैं। एलएलबी शिक्षित 45 वर्षीय स्नेहल ने भाजपा के अनुभवी पार्षद शैलेश स्वामी (veteran BJP corporator Shailesh Swami) को 970 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी। लिंगायत समाज से आने वाले उटगे परिवार की निष्ठा कई पीढ़ियों से कांग्रेस के साथ रही है। पहली बार पार्षद बनकर सीधे उपमहापौर पद हासिल करना उनके प्रभावी नेतृत्व और पार्टी के भरोसे को दर्शाता है।


