
मिसाइल की 3500 किमी. रेंज में है पूरा पाकिस्तान और चीन का लगभग आधा हिस्सा
नई दिल्ली : (New Delhi) भारत ने ओडिशा के तट से दूर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 का (medium-range ballistic missile Agni-3 from APJ Abdul Kalam Island) सफल परीक्षण करके अपनी मिसाइल शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र में एक और कामयाबी हासिल की है। मिसाइल का परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा और यह विभिन्न मानकों पर खरी उतरी। अग्नि-3 बैलिस्टिक मिसाइल 3500 किलोमीटर दूर तक दुश्मनों के ठिकानों पर सटीक निशाना लगाकर उसे तबाह करने की ताकत रखती है। इसकी जद में पूरा पाकिस्तान और चीन का लगभग आधा हिस्सा आता है।
रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence)के मुताबिक इंटरमीडिएट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि -3 का सफल प्रक्षेपण सामरिक बल कमांड के तत्वावधान में किए गए नियमित उपयोगकर्ता प्रशिक्षण का हिस्सा था। मिसाइल का प्रक्षेपण पूर्व निर्धारित सीमा के लिए किया गया था और सिस्टम के सभी परिचालन मापदंडों को मान्य किया गया। लॉन्च में सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स सही पाए गए।परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-3 मिसाइल की लंबाई 17 मीटर और व्यास 2 मीटर है। इतना ही नहीं, यह मिसाइल एक सेकेंड में पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है।
मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 को 2011 में अग्नि-2 (medium-range ballistic missile Agni-3) के उत्तराधिकारी के रूप में सेवा में शामिल किया गया था। अग्नि-3 की मारक क्षमता 3,000 से 5,000 किलोमीटर तक है। फायर के बाद यह मिसाइल पाकिस्तान और चीन सहित कई पड़ोसी देशों के अंदर तक जाकर टारगेट को हिट कर सकती है। अग्नि-3 दो चरणों वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जो परमाणु हमला करने में सक्षम है। इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने डिजाइन किया है। यह मिसाइल सॉफिस्टिकेटेड नेविगेशन, ऑनबोर्ड कंप्यूटर सिस्टम और गाइडेंस एवं कंट्रोल सिस्टम्स से लैस है।
भारत ने अपनी ताकत अग्नि-1 मिसाइल से शुरू करके अग्नि-5 मिसाइल तक पहुंचा दी है। 2002 में सफल परीक्षण की रेखा पार करने वाली अग्नि-1 मध्यम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल थी। इसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर थी और इससे 1000 किलो तक के परमाणु हथियार ढोए जा सकते थे। फिर इसके बाद अग्नि-2, अग्नि-3 और अग्नि-4 मिसाइलें आईं। ये तीनों इंटरमीडिएट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। इनकी मारक क्षमता 2000 से 3500 किलोमीटर है। चीन-पाकिस्तान समेत यूरोप और अफ्रीकी देशों को अपनी जद में लेने वाली परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का भी भारत परीक्षण कर चुका है।


