
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के मुंबई (in Mumbai, Maharashtra) में बीते 36 घंटों के भीतर 12 नाबालिग बच्चों के लापता होने के दावे को पुलिस ने पूरी तरह झूठ बताया और ऐसे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
सोशल मीडिया पर मुंबई में बीते 36 घंटों के भीतर 12 नाबालिग बच्चों के लापता होने के एक संदेश(12 minor children had gone missing in Mumbai within the last 36 hours went viral on social media) के तेजी से वायरल होने से शहर में दहशत का माहौल बन गया। इस बारे में मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि शहर में सामूहिक रूप से बच्चों के अपहरण या लापता होने की कोई भी घटना दर्ज नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा यह संदेश पूरी तरह भ्रामक और निराधार है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और दावों को पूरी तरह झूठा बताया है।
झूठी खबराें के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा बच्चों के लापता और अपहरण को लेकर झूठी जानकारी और अफवाहें फैलाई जा रही हैं। मुंबई पुलिस इन दावों का पूरी तरह खंडन करती है। इस तरह की फर्जी सूचनाओं से जनता में डर और भ्रम फैलता है। इसलिए जानबूझकर झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बयान में कहा गया कि अफवाह फैलाने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वायरल संदेश में किया गया था यह दावा
वायरल संदेश में दावा किया गया था कि शिवाजी पार्क, अंटॉप हिल, मानखुर्द और बंगूर नगर (Shivaji Park, Antop Hill, Mankhurd, and Bangur Nagar) समेत सात पुलिस थाना क्षेत्रों में 12 नाबालिग बच्चे, जिनमें 8 से 15 वर्ष की उम्र की आठ लड़कियां शामिल हैं, लापता हो गए हैं। संदेश में संगठित तस्करी गिरोहों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया गया था। मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। पुलिस ने कहा कि केवल आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी पर ही भरोसा किया जाए, क्योंकि झूठे संदेश फैलाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।


