
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया निर्णय
2022 को आरोपित पिता ने बेटी की हत्या की थी
चित्रकूट : (Chitrakoot) उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में जिला न्यायालय (district court in Chitrakoot district of Uttar Pradesh) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मोबाइल से बात करने को लेकर पिता के हाथों हुई पिटाई से बेटी की मौत के मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपित पिता को जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषमणि द्वारा 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 5,000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
शुक्रवार को चित्रकूट जिले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि सरैंया निवासी मैयादीन ने बीती 12 जुलाई 2022 को रैपुरा थाना में (Raipura police station on July 12, 2022) रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार रैपुरा थाना क्षेत्र के इटवा गांव की निवासी उनकी बहन देवकल पत्नी बवोचन के एक पुत्र अंकित और पुत्री नीतू देवी थे। शादी के लगभग दस वर्ष बाद देवकल की मृत्यु हो गई थी। देवकल का बेटा अंकित रायपुर में रहकर प्राईवेट नौकरी करता था जबकि बेटी नीतू (17) घर में रहती थी। पिता बवोचन नीतू पर शक करता था और मोबाइल से बात करने के लिए मना करता था। बीती 12 जुलाई 2022 को उसे सूचना दी गई कि इटवा गांव में उसकी भांजी नीतू की मृत्यु हो गई है। जब वह गांव पहुंचा तो उसके जीजा बवोचन मौके से फरार थे और ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उसके जीजा बवोचन ने ही मोबाइल से बात करने को लेकर डण्डों से नीतू की पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपित बवोचन को गिरफ्तार किया था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को जिला जज शेषमणि (District Judge Sheshmani) ने इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी पिता बवोचन को दस वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ 5,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।


