
नई दिल्ली : (New Delhi) भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) ने राजनयिक माध्यमों से गुरुवार को साल 2008 में हुए कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अपनी हिरासत में बंद 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों की सूची पाकिस्तान के साथ साझा की है। यह नागरिक या तो पाकिस्तानी हैं या इन्हें पाकिस्तानी माना जाता है। साथ ही पाकिस्तान ने भी 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों की सूची भारत को सौंपी है। यह नागरिक या तो भारतीय हैं या इन्हें भारतीय माना जाता है।
इसके साथ ही भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) ने 31 दिसंबर 1988 को परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं के विरुद्ध हमले के निषेध पर सहमति वाले समझौते के तहत आज परमाणु ठिकानों की सूचियों का भी आदान-प्रदान किया। इसके तहत दोनों देश हर साल 1 जनवरी को एक-दूसरे को परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की सूची साझा करते हैं। इस बार दोनों देशों के बीच सूचियों का यह लगातार 35वां आदान-प्रदान है। पहली बार यह प्रक्रिया 1 जनवरी 1992 को शुरू हुई थी।
केंद्र सरकार (Indian government) ने पाकिस्तान से अपनी हिरासत में मौजूद भारतीय नागरिक कैदियों, मछुआरों, उनकी नौकाओं और लापता भारतीय कर्मियों की जल्द रिहाई और प्रत्यावर्तन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। भारत ने विशेष रूप से 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई में तेजी लाने का अनुरोध किया है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है। इसके अलावा, पाकिस्तान से 35 ऐसे नागरिक कैदियों और मछुआरों को तत्काल राजनयिक पहुंच देने को कहा गया है, जिन्हें भारतीय माना जाता है लेकिन अब तक राजनयिक पहुंच नहीं दी गई है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने पाकिस्तान से यह भी कहा है कि सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले कैदियों और मछुआरों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए, जब तक उनकी रिहाई और प्रत्यावर्तन न हो। भारत सरकार (Indian government) के सतत प्रयासों से साल 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय नागरिक कैदियों को वापस लाया गया है। इनमें से 2023 से अब तक 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय नागरिक कैदी रिहा किए गए हैं।


