मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे (Maharashtra State Election Commissioner Dinesh Waghmare) ने सोमवार को कहा कि राज्य की मुंबई नगर निगम सहित 29 नगर निगमों में 15 जनवरी, 2026 (January 15th, 2026) को एक ही चरण में मतदान होगा। वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा 16 जनवरी को होगी। इस चुनाव के मद्देनजर चुनाव आचार संहिता आज से लागू कर दी गई है।
राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे और सचिव सुरेश काकानी (State Election Commissioner Dinesh Waghmare and Secretary Suresh Kakani) आज दक्षिण मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे । दिनेश वाघमारे ने बताया कि राज्य में 29 नगर निगमों की 2869 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें से 1442 महिलाएं, 341 अनुसूचित जाति, 77 अनुसूचित जनजाति, 759 अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्य होंगे। नगर निगमों में होने वाले आम चुनाव के लिए नामांकन 23 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच आफलाइन दाखिल किए जा सकते हैं, नामांकन की जांच 31 दिसंबर को होगी। उम्मीदवारों के पास 2 जनवरी, 2026 तक अपना नामांकन वापस लेने का समय है और चुनाव चिह्नों का आवंटन और अंतिम उम्मीदवार सूची का प्रकाशन 3 जनवरी, 2026 को होगा।
वाघमारे ने बताया कि 29 में से 28 नगर निगमों में बहु-सदस्यीय वार्ड होंगे। मतदाताओं की संख्या में 3 करोड़ 48 लाख की महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है। राज्य में नगर निगम चुनाव के लिए कुल 3.48 करोड़ वोटर हैं, जिसके लिए 39147 पोलिंग स्टेशन होंगे, मुंबई के लिए 10,111 पोलिंग स्टेशन, 11,349 कंट्रोल यूनिट और 22,000 बैलेट यूनिट होंगी। इस आम चुनाव के लिए 1 जुलाई, 2025 की वोटर लिस्ट लागू की जाएगी। क्योंकि लिस्ट इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया से ली गई है, इसलिए राज्य इलेक्शन कमीशन के पास नाम हटाने का अधिकार नहीं है।
रिपीट वोटर की पहचान कर ली गई है और उनके नाम के आगे दो स्टार होंगे। रिपीट वोटर के घर जाकर सर्वे किया गया है। साथ ही, उनसे एक एफिडेविट लिया गया है कि वे कहां वोट देंगे। मुंबई में 11 लाख संभावित रिपीट वोटर हैं, मुंबई में लिस्ट में 7 प्रतिशत रिपीट वोटर पाए गए हैं। जिन रिपीट वोटर का सर्वे नहीं हुआ है, उनसे पोलिंग स्टेशन पर एफिडेविट लिया जाएगा। मुंबई में चुनाव के लिए 290 और राज्य में 870 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, कुल 1,96,605 कर्मचारी होंगे। चुनाव से 48 घंटे पहले प्रचार पर रोक रहेगी। उसके बाद विज्ञापन पर रोक रहेगी


