जोहान्सबर्ग : (Johannesburg) दक्षिण अफ्रीका के कस्बे रेडक्लिफ में चार मंजिला अहोबिलम मंदिर (Ahobilam temple in the South African town of Redcliffe) के निर्माण स्थल पर कई टन कंक्रीट गिरने से मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। बचाव अभियान दो दिन से जारी है। रेडक्लिफ कस्बे में रहने वालों में भारतीय समुदाय की संख्या सर्वाधिक है।
दक्षिण अफ्रीका की प्रतिक्रिया इकाई के प्रवक्ता प्रेम बलराम (Unit spokesperson, Prem Balram) ने स्थानीय मीडिया को बताया कि खराब मौसम के कारण शनिवार दोपहर अभियान रोकना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग से छपने वाले अखबार द सिटिजन (The Citizen, a Johannesburg-based newspaper) समेत लगभग सभी सूचना संचार माध्यमों ने दक्षिण अफ्रीका की प्रतिक्रिया इकाई (रिएक्शन यूनिट साउथ अफ्रीका) के फेसबुक पेज पर जारी विवरण के आधार पर घटना के विवरण का प्रकाशन और प्रसारण किया है। रिएक्शन यूनिट साउथ अफ्रीका के फेसबुक पेज के अनुसार पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। खोज और बचाव अभियान के दौरान पांचवें व्यक्ति का भी शव भी मिल गया है। फिलहाल यह पुष्टि नहीं की गई है कि अभी मलबे के नीचे और कितने लोग फंसे हुए हैं।
दक्षिण अफ्रीका की प्रतिक्रिया इकाई के अनुसार खोज और बचाव अभियान शुक्रवार को लगभग 11:56 बजे शुरू हुआ था। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में से एक की पहचान विकी जयराज पांडे (52) (Vicky Jayraj Pandey (52)) के रूप में हुई है। वह लगभग दो साल से मंदिर में सेवाएं दे रहे थे। पांडे मंदिर के कार्यकारी सदस्य और निर्माण परियोजना के प्रबंधक थे। मंदिर से संबद्ध धर्मार्थ संस्था फूड फॉर लव के निदेशक सनवीर महाराज (Sanvir Maharaj, director of the temple-affiliated charity Food for Love) ने पुष्टि की कि एथेक्विनी (पूर्व में डरबन) के उत्तर में एक पहाड़ी पर स्थित मंदिर के ढहने में मारे गए लोगों में पांडे भी शामिल हैे।
इस बीच ईथेक्विनी नगरपालिका (eThekwini Municipality) ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि मंदिर के निर्माण के लिए कोई भवन योजना स्वीकृत नहीं की गई थी। गुफानुमा अहोबिलम मंदिर के निर्माण में स्थानीय पत्थरों के अलावा भारत से लाए पत्थरों का उपयोग किया जा रहा था। इसमें भगवान नरसिंहदेव की दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति की स्थापना की जानी थी।
उल्लेखनीय है कि रिएक्शन यूनिट साउथ अफ्रीका की नींव प्रेम और विनोद बलराम बंधुओं ने अपराध से लड़ने और समुदायों की सुरक्षा करने की प्रतिबद्धता पर रखी है। दक्षिण अफ्रीका में उनके संगठन को हर कोई जानता है।


