नई दिल्ली : (New Delhi) केरल के स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। कई सालों से इस सीट पर माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ का प्रभाव रहा है। तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस के शशि थरुर जीतते आए हैं। तिरुवनंतपुर नगर निगम (Thiruvananthapuram Municipal Corporation) में जीत पर भाजपा ने खुशी जाहिर करते हुए इसे ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन बताया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी (Thiruvananthapuram Municipal Corporation) ने पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance) (NDA) के लिए एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन है। केरल के नगर निगम चुनावों में भाजपा और एनडीए ने तिरुवनंतपुरम में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।
यह केरल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और भारतीय राजनीति के भविष्य के लिए एक दूरदर्शी संकेत देता है। ईश्वर की कृपा से ईश्वर के अपने देश में भाजपा और एनडीए पर आशीर्वाद बरसने लगे हैं। विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस और वामपंथी दल एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, जबकि केरल में वे एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते थे।
हालांकि, अब लोग इतने समझदार हो गए हैं कि वे प्रतिद्वंद्विता के इस दिखावे से धोखा नहीं खाएंगे। कांग्रेस से सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा नहीं जीती, फिर भी कांग्रेस हार गई, वहां आपके वोट असल में किसने छीने हैं, जबकि मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के बीच है? यही सवाल कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party) पर भी लागू होता है।
उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि कैसे मनगढ़ंत कहानियों और देशभर में प्रतिद्वंद्विता के झूठे चित्रण के ज़रिए मतदाताओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सवाल पूछा कि वहां के तमाम क्षेत्र जहां भाजपा नहीं जीती है अथवा हमारी कोई प्रभावी उपस्थिति नहीं है, जहां एलडीएफ और यूडीएफ के बीच लड़ाई हुई है, वहां कांग्रेस का वोट किसने चोरी किया है। उन्होंने कहा कि इस नतीजों से यह भी एक संकेत है कि किस प्रकार से जो भ्रम फैलाया जाता था, वो भी साफ है और दोमुंही राजनीति को देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करती।


