जकार्ता (इंडोनेशिया) : (Jakarta) इंडोनेशिया का सुमात्रा द्वीप हाल ही में आए चक्रवाती तूफान से कराह रहा है। भीषण बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। अब तक कम से कम 712 लोगों की मौत हो चुकी है। 402 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। चक्रवाती तूफान का सबसे अधिक प्रभाव उत्तरी सुमात्रा, पश्चिमी सुमात्रा और आचे प्रांत पर पड़ा है। इस आपदा का मुख्य कारण दो दुर्लभ उष्णकटिबंधीय चक्रवात (two rare tropical cyclones) के प्रभाव से हुई भारी बारिश और उसके बाद हुआ भूस्खलन है।
द जकार्ता पोस्ट अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (National Disaster Management Agency) के नेतृत्व में सेना, पुलिस और स्वयंसेवी संगठन बचाव और राहत कार्यों में लगे हुए हैं। कई जगहों पर पुल और सड़कें टूट जाने से प्रभावित इलाकों तक मदद पहुंचाने में दलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस आपदा में लाखों लोग बेघर हो गए हैं और भोजन -पानी की तलाश में संघर्ष कर रहे हैं। यह इंडोनेशिया में हाल के वर्षों की सबसे घातक प्राकृतिक आपदा में से एक है।
प्रभावित प्रांतों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि वह इस संकट से अकेले नहीं निपट सकते। इन प्रतिनिधियों ने कहा कि आपदा के सात दिन बाद भी कई गांव अभी भी देश- दुनिया से कटे हुए हैं। आचे के गवर्नर मुजाकिर मनाफ तो तबाही का जिक्र करते हुए पत्रकारों के सामने रो पड़े। इ्ंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (Indonesian President Prabowo Subianto) के प्रशासन ने माना है कि बाढ़ और भूस्खलन से बड़ा नुकसान हुआ है।


