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Jaipur : राजस्थान की कावड़ कहानी को एआई इनेबल्ड क्रिएशन के जरिए नए तरीके से दर्शायेगा लेनोवो योगा ऑरा एडिशन

जयपुर : (Jaipur) नई पीढ़ी को भारतीय कला और संस्कृति (Indian art and culture) से जोड़ने के लिए लेनोवो ने अपनी नई पहल मेड विद लेनोवो योगा (ऑरा एडिशन) (Lenovo Yoga) की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य है कि जेन-ज़ी आधुनिक एआई और डिजिटल तकनीक की मदद से पारंपरिक कला को नए तरीके से समझ सके और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को फिर से खोज सके। इसी के तहत लेनोवो एक खास सिनेमैटिक शॉर्ट फिल्म लॉन्च करने जा रहा है, जिसमें थ्रीडी/एआई आर्टिस्ट टूसिड और राजस्थान के प्रसिद्ध कावड़ कलाकार अक्षय गांधी साथ (Rajasthani Kavad artist Akshay Gandhi) नज़र आएंगे। यह फिल्म कावड़ कथा की बारीकियों कप दिखाएगी । जो लकड़ी की तख्तियों पर बनी होती है जिनको एआई, थ्रीडी और वीएफएक्स की मदद से कैसे जीवंत और आधुनिक रूप दिखाया जा सकता है।

यह कावड़ फ़िल्म लेनोवो की तीन फ़िल्मों में (This Kavad film is one of three films from Lenovo) से एक है, जिसमें ओडिशा, राजस्थान और कश्मीर की यात्रा को क्रिएटर्स ने दर्शाया है। जिष्णु चटर्जी और सचिकांत साहू; टूसिड और अक्षय गांधी और अली शाह क्राफ्ट्स के साथ वरुण गुप्ता, हर कोई डिजिटल इनोवेशन के ज़रिए इन राज्यों के पारंपरिक आर्ट फ़ॉर्म को नए तरीके से दिखा रहे हैं।इस कैंपेन के साथ, लेनोवो का मकसद जेन जी जेनेरशन के बीच नया उत्साह जगाना है, जो उनको उनकी जड़ों से फिर से जोड़े।

राजस्थान की समृद्ध कहानी कहने की परंपरा पर आधारित यह फिल्म कैसे सदियों पुरानी कावड़ कला, जिसमें लकड़ी की खुलती तख्तियाँ, कई स्तरों वाली कहानियाँ और हस्तनिर्मित चित्रकारी शामिल है को आज की डिजिटल पीढ़ी के लिए नए रूप में प्रस्तुत कर रही है। यात्रा, बोल और कला को करीब से समझने की प्रक्रिया के माध्यम से यह फिल्म एक आधुनिक 3डी / एआई कलाकार और एक पारंपरिक कावड़ कलाकार के अनोखे सहयोग को दर्शाता है, जो राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान में गहराई से जुड़ा हुआ है।

राजस्थान के कावड़ कलाकार अक्षय गांधी ने कहा कि कावड़ की हर लकड़ी की तख्ती में सदियों की भावनाएँ और पहचान छिपी है। इसे डिजिटल रूप में बदलते देखकर और फिर भी उसकी आत्मा को बचाए रखते हुए देखना, बेहद भावुक अनुभव था। यह सहयोग साबित करता है कि जब तकनीक का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह हमारी परंपराओं को और दूर तक ले जा सकते है और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुँचा सकते हैं।

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