मुंबई : (Mumbai) विरार पूर्व के शिरगांव क्षेत्र में विवा आर्किटेक्चर महाविद्यालय के समीप बने नवनिर्मित श्री द्वारकाधीश मंदिर (Shri Dwarkadhish Temple, located near the Viva Architecture College in the Shirgaon area of Virar East) में प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव की 26 नवंबर से शुरुआत होगी। यह मंदिर वसई-विरार की पहली महिला महापौर प्रवीणा ठाकुर (Praveena Thakur, the first female mayor of Vasai-Virar) की संकल्पना से तैयार किया गया है। महोत्सव में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। 26 नवंबर की दोपहर 12:34 बजे मूर्ति स्थापना एवं प्राणप्रतिष्ठा होगी। शाम 4 बजे जगद्गुरु शंकराचार्यजी के करकमलों से द्वारोद्घाटन होगा।इसी तरह 27 नवंबर को सुबह प्रवचन, धर्म, अध्यात्म और जीवन मूल्यों पर मार्गदर्शन और शाम केरल की पारंपरिक थिरुवातिरा नृत्य और राधाकृष्ण नृत्य की प्रस्तुति होगी। 28 नवंबर को थिरु मुरुगन एवं बालाजी मंदिर भजन समूह द्वारा भजन कार्यक्रम होगा। साथ ही प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जटोला की भजन संध्या होगी। 29 नवंबर दोपहर छप्पन भोज और दशावतार प्रदर्शन और अनमोल मित्र मंडल का पारंपरिक ढोल-ताशा कार्यक्रम होगा। 30 नवंबर को भंडारा एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा। शाम 7 बजे देवराज गढ़वी की पारंपरिक गुजराती डायरो प्रस्तुति की जाएगी।इस संबंध में प्रवीणा ठाकुर ने कहा कि श्री द्वारकाधीश मंदिर सिर्फ एक संरचना नहीं है, बल्कि वसई-विरार की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनने जा रहा है। हम सभी भक्तों से आग्रह करते हैं कि इस दिव्य उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करें। पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर ने कहा कि यह मंदिर विरार की पहचान को सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से समृद्ध करेगा। जगद्गुरु शंकराचार्यजी के आगमन से पूरा क्षेत्र धन्य होगा। यह कार्यक्रम समाज को एकता, समर्पण और सेवा का संदेश देता है।


