नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (Indian Institute of Corporate Affairs) (IICA) ने रक्षा मंत्रालय के पुनर्वास महानिदेशालय (Directorate General of Rehabilitation) (DGR) रक्षा मंत्रालय के साथ साझेदारी में कॉरपोरेट गवर्नेंस में निदेशकों के लिए प्रमाणन कार्यक्रम के तीसरे बैच का सफलतापूर्वक समापन 21 नवंबर को गुरुग्राम के मानेसर स्थित आईआईसीए परिसर में सफलतापूर्वक समापन किया।
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि दो सप्ताह के इस प्रमाणन कार्यक्रम में इस कार्यक्रम में तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 30 वरिष्ठ अधिकारियों कॉर्पोरेट प्रशासन और स्वतंत्र निदेशक पद के व्यापक ज्ञान वाले रक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा इसमें सेवारत और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए अधिकारी भी शामिल थे।
मंत्रालय के मुताबिक अगस्त 2024 से अब तक संचालित तीन बैचों के जरिए कुल 90 विशिष्ट रक्षा अधिकारियों को कॉरपोरेट गवर्नेंस और स्वतंत्र निदेशक की भूमिका के लिए व्यापक ज्ञान प्रदान किया जा चुका है। इस कार्यक्रम में 35 विशेष सत्र शामिल थे, जिनमें कॉरपोरेट गवर्नेंस रूपरेखाओं, नियामक प्रावधानों, वित्तीय प्रबंधन, ऑडिट समिति के कार्य, एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट, सीएसआर और सतत शासन से संबंधित विषयों को सम्मिलित किया गया।
उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते के गहन कार्यक्रम प्रतिभागियों को कॉर्पोरेट प्रशासन की वैचारिक और नियामक समझ से परिचित कराने के लिए डिज़ाइन किया गया था, ताकि वे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों में बोर्ड के सदस्यों के रूप में प्रभावी रूप से सेवा करने के लिए तैयार हो सके। इस व्यापक पाठ्यक्रम में कंपनी अधिनियम 2013 और सेबी एलओडीआर नियमों (SEBI LODR Regulations) के तहत कॉर्पोरेट प्रशासन के सिद्धांत, बोर्ड की संरचना और प्रभावशीलता, स्वतंत्र निदेशकों की भूमिका और जिम्मेदारियां, नियामक ढांचा शामिल था।


