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Mumbai : वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में 15 नवंबर से शेयर के साथ मीटर रिक्शा भी चलाए जाएंगे

वसई की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित की मांग पर परिवहन मंत्री ने दिए आदेश
मुंबई : (Mumbai)
वसई-विरार महानगरपालिका (Vasai-Virar Municipal Corporation) क्षेत्र में बढ़ती जनसंख्या और अपर्याप्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के कारण यहां के नागरिकों को दैनिक यात्रा के लिए रिक्शा पर निर्भर रहना पड़ता है। हालांकि पूरे वसई-विरार शहर में अभी भी मीटर रिक्शा नहीं हैं, इसलिए शेयर रिक्शा के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसके अलावा शेयर रिक्शा सेवा के लिए वसूले जाने वाले मनमाने किराए और शेयर रिक्शा के केवल मुख्य सड़कों पर ही चलने के चलते वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और छात्रों को कॉलोनी के अंदरूनी हिस्सों तक पैदल जाना पड़ता है। कई बार सामान लेकर चलना नागरिकों के लिए मुश्किल हो जाता है।मीटर वाले रिक्शा की समस्या के साथ-साथ शहर में पार्किंग की सुविधा न होने के कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वसई-नालासोपारा-विरार स्टेशनों के बाहर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इन समस्याओं के समाधान के लिए विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री को पत्र (MLA Sneha Dubey-Pandit has written a letter to the Chief Minister, Deputy Chief Minister and Transport Minister) लिखा है और इस पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इस संबंध में विधायक स्नेहा दुबे-पंडित की मांग पर 13 अक्टूबर को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (Transport Minister Pratap Sarnaik) ने मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में विधायक स्नेहा दुबे-पंडित, वसई विरार शहर महानगरपालिका के आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त परिवहन अधिकारी भरत कलसकर, महाव्यवस्थापक (एमएसआरटीसी) दिनेश महाजन, वसई के उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी सोनाली सोनार, मीरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय के उपायुक्त अशोक विरकर, अतिरिक्त मनपा आयुक्त दीपक सावंत आदि उपस्थित थे।बैठक में वसई में वाहन पार्किंग और मीटर वाले रिक्शा की समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। इस चर्चा के बाद परिवहन मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को वसई विरार शहर में 15 नवंबर 2025 से मीटर वाले रिक्शा शुरू करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को पार्किंग की व्यवस्था करने और वसई में एस.टी. महामंडल की जगह को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर विकसित करने तथा वहां पार्किंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दिसंबर के अंत तक योजना प्रस्तुत करने के भी आदेश दिए हैं।

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